Indore: हनीट्रैप के शिकार पब मालिक ने की खुदकुशी, 25 लाख और आईफोन लिए फिर भी नहीं मान रही थी युवती
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी युवती से दो साल पहले भूपेंद्र की क्लब में ही मुलाकात हुई थी। महिला दूसरे शहर में रहती है, लेकिन इंदौर आती-जाती रहती थी। उसने भूपेंद्र से दोस्ती की और फिर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और केस में फंसाने की धमकियां भी देने लगी।
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हनीट्रैप के शिकार होकर इंदौर के एक पब मालिक ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह उनका शव घर पर मिला। भूपेंद्र रघुवंशी ने जहर खाकर जान दे दी। आत्महत्या के पीछे हनीट्रैप की बात सामने आ रही है।
पब मालिक भूपेंद्र रघुवंशी के पास से पुलिस को पांच पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें एक युवती का नाम लेकर लिखा है कि वह 25 लाख रुपये और आईफोन लेने के बाद भी ब्लैकमेल करते हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देती थी।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। भूपेंद्र एक बार भी संचालित कर चुके हैं। उनके परिजनों ने पुलिस को बताया कि भूपेंद्र पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। भूपेंद्र के परिवार में पत्नी, एक बेटा व एक बेटी है। तनाव में रहने के कारण वे कारोबार पर भी ध्यान नहीं दे पा रहे थे। उनके तीन पब बंद हो गए थे। बाद में एक रेस्त्रां खोला। वह भी बंद हो गया था। कर्ज के कारण भी वे परेशान थे।
क्लब में हुई थी युवती से मुलाकात
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी युवती से दो साल पहले भूपेंद्र की क्लब में ही मुलाकात हुई थी। महिला दूसरे शहर में रहती है, लेकिन इंदौर आती-जाती रहती थी। उसने भूपेंद्र से दोस्ती की और फिर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और केस में फंसाने की धमकियां भी देने लगी। इसके बाद मंगलवार को भूपेंद्र ने आत्महत्या कर ली। भूपेंद्र इंदौर में लंबे समय से शराब कारोबार से जुड़े थे और दो पबों का संचालन भी कर चुके थे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
सुसाइड नोट में लिखा- इति मुझे ब्लैकमेल कर रही थी
भूपेंद्र ने अपने पांच पन्नों के सुसाइड नोट में इति तिवारी नामक महिला का जिक्र किया और आत्महत्या के लिए उसे ही जिम्मेदार बताया। भूपेंद्र ने लिखा कि -‘इति से मेरी दोस्ती दो साल पहले हुई थी। शुरू में सब ठीक ठाक चला। वह इंदौर में रहती थी, लेकिन बाद में मुंबई चली गई। वहां से उसने मुझे धमकियां देने शुरू कर दी। कहती थी कि दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दूंगी। एक दिन जब वह इंदौर आई तो उसने रात में खूब हंगामा किया। मामला 25 लाख रुपये में सुलझा। उसे कुछ लोग सपोर्ट कर रहे थे। उसने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया। उसके खर्चें मैं उठाता था। उसने मुझे पूरी तरह घर में कैद कर रखा था। भूपेंद्र ने आगे लिखा कि उसके लिए मैंने कार लेने की भी हां कर दी थी, लेकिन फिर इनकार किया तो उसने कहा कि केस लगवा दूंगी। उससे परेशान होकर मैंने दूसरा फोन लिया। एक फोन हमेशा उसके लिए फ्री रखना पड़ता था। उसके पति को भी हमारे बारे में पता था। एक बार मैं अपनी पत्नी और बच्चों को मुंबई छोड़ने गया था। तब भी इति ने ड्राइवर के सामने मुझसे झगड़ा किया। फिर वो इंदौर आई तो मेरे दोनों फोन को उसने कार के नीचे रखकर तुड़वा दिया। वो मुझे हर वक्त जलील करती थी। मेरे मरने के बाद मेरे घर वालों और दोस्तों को कोई परेशान न करे।’
