Indore:क्या पटवारी से नाराज है राहुल गांधी, आखिर क्यों उन्हें मांगनी पड़ी हार पर माफी?
वेटनरी काॅलेज में सभा समाप्त होने के बाद राहुल गांधी आंडेबकर स्मारक तक राहुल गांधी की कार में सवार हो गए। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिक्काअर्जुन खड़गे भी थे। पटवारी ने प्रदेश में होने वाली निजी जातिगत जनगणना की जानकारी दी।
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महू की आम सभा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न थी। सभा को सफल करने में जीतू ने पूरी ताकत झोंक दी, हालांकि ज्यादातर इंदौरी नेता इस आयोजन में मुंह दिखाई की रस्म अदा करते नजर आए, लेकिन मालवा-निमाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों ने भरपूर ताकत दिखाई।
मंच पर जिस अंदाज में पटवारी ने प्रदेश की हार पर राहुल गांधी से माफी मांगी, उससे यह तो तय है कि लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश के परिणामों से नाराज थे और नतीजों के कारण पटवारी के नंबर भी दिल्ली में कम हो गए।
पटवारी के विरोधियों ने भी दिल्ली दरबार में शिकायतों के पुलिंदों से पटवारी की राह में कांटे बिछाने में कोई कसर नहीं रखी थी। राहुल लोकसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश के दौरे पर थे, इस कारण जीतू महू के आयोजन में कोई कमी नहीं रखना चाहते थे।
मंच से सार्वजनिक तौर पर माफी मांग कर पटवारी ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को मजबूत करने की कोशिश की, हालांकि मंच से राहुल गांधी ने जीतू पटवारी का एक बार भी नाम नहीं लिया,लेकिन प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताअेां के लिए यह जरुर कहा कि वे प्रदर्शन करते है तो लाठी-डंडे खाते है, झूठे मुकदमे झेलते है।
सभा स्थल से आंबेडकर जन्मस्थली तक रहे साथ
वेटनरी काॅलेज में सभा समाप्त होने के बाद राहुल गांधी आंडेबकर स्मारक तक राहुल गांधी की कार में सवार हो गए। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिक्काअर्जुन खड़गे भी थे। पटवारी ने प्रदेश में होने वाली निजी जातिगत जनगणना की विस्तार से राहुल को जानकारी दी।
लोकसभा में कांग्रेस का कमजोर था प्रदर्शन
लोकसभा चुनाव में देश में सबसे कमजोर प्रदर्शन कांग्रेस का मध्य प्रदेश में रहा। 29 में से एक भी सीट कांग्रेस प्रदेश मेें नहीं जीत पाई थी। ज्यादातर टिकट पटवारी की पसंद को ध्यान में रखकर बांटे गए थे। इंदौर में पटवारी ने कांग्रेस का टिकट अक्षय बम को दिया था, लेकिन उन्होंने अंतिम दिन अपना नाम वापस ले लिया था। तब भी पटवारी की काफी किरकिरी हुई थी।
