{"_id":"6780e3fc0b343d6cfb0aeb7a","slug":"indore-indore-s-new-ring-will-be-built-after-25-years-cities-like-dewas-mhow-pithampur-will-be-connected-2025-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: 25 साल बाद बनेगी इंदौर की नई रिंग, देवास, महू, पीथमपुर जैसे शहर जुड़ेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: 25 साल बाद बनेगी इंदौर की नई रिंग, देवास, महू, पीथमपुर जैसे शहर जुड़ेंगे
Fri, 10 Jan 2025 02:40 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 10 Jan 2025 02:40 PM IST
सार
यह मार्ग डकाच्या गांव से महू और पीथमपुर को जोड़ेगा। इसके निर्माण से महू, पीथमपुर और देवास के ग्रामीण क्षेत्र इंदौर के और करीब आ जाएंगे और मार्ग के आसपास बसाहट शुरू हो जाएगी। 70 किलोमीटर मार्ग के निर्माण पर चार हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
इंदौर को मिलेगा नया बाइपास।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर के पश्चिमी बाइपास का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इसकी घोषणा गुरुवार को इंदौर में की। 25 साल पहले मांगलिया से राऊ तक पूर्वी बाइपास एनएचएनआई ने बनाया था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से का नया बाइपास और पश्चिमी बाइपास का निर्माण साथ में होने से शहर की नई रिंग बन जाएगी।
विज्ञापन
जमीन अधिग्रहण राज्य सरकार के जिम्मे
यह मार्ग डकाच्या गांव से महू और पीथमपुर को जोड़ेगा। इसके निर्माण से महू, पीथमपुर और देवास के ग्रामीण क्षेत्र इंदौर के और करीब आ जाएंगे और मार्ग के आसपास बसाहट शुरू हो जाएगी। 70 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण पर 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह शर्त भी रखी है कि सड़क एनएचएआई बनाएगा, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार को करना होगी।
विज्ञापन
38 गांवों से गुजरेगा पूर्वी बाइपास
पूर्वी बाइपास 38 गांवों से होकर गुजरेगा। यह छहलेन बनेगा। दस साल पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए पूर्वी बाइपास का सर्वे किया था, लेकिन बाद में पुराने बाइपास को ही चार लेन से छहलेन करने का काम शुरू हो गया था और नए बाइपास के निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।
विज्ञापन
नए सिरे से होगा सर्वे
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि मंत्री गडकरी के निर्देश के बाद अब पूर्वी बाइपास के लिए नए सिरे से सर्वे की प्रक्रिया होगी। इसके निर्माण से देवास, महू, पीथमपुर को भी फायदा होगा।
यह होगा पूर्वी बाइपास बनने से फायदा
- रियल इस्टेट मार्केट में तेजी आएगी। नई टाउनशिप और उद्योग खुल सकेंगे।
- सड़क के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का व्यवस्थित विकास होगा। मास्टर प्लान की आंतरिक सड़कें बनेगी।
- दिल्ली और मुंबई की तरफ जाने वाले वाहन इंदौर के बजाए सीधे बाइपास से देवास और मानपुर की तरफ जा सकेंगे।
-वर्तमान पूर्वी बाइपास पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। हादसों पर भी रोक लगेगी।
- पीथमपुर और देवास के औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों को परिवहन के लिए नई कनेक्टिविटी मिलेगी।
