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इंदौर : इंदौर में रावण दे रहा रोजगार, दस से लेकर 20 फीट तक के रेडिमेड रावण तैयार

Mon, 19 Oct 2026 08:24 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Mon, 19 Oct 2026 08:24 PM IST
सार

 इंदौर में  रावण कई परिवारों की आजीविका का साधन बन गया है। शहर के पंचम की फेल क्षेत्र में करीब दस साल पहले दो-तीन परिवारों ने रेडीमेड रावण बनाकर बेचने का काम शुरू किया था। आज यहां रावणों की मंडी सजने लगी है। 

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Indore: In Indore, Ravana is providing employment; readymade Ravana effigies ranging from 10 to 20 feet in hei
रेडिमेड रावण बिक रहे इंदौर मे। - फोटो : amarujala

विस्तार

बुराई के प्रतीक रावण का दहन दशहरे पर किया जाता है, लेकिन इंदौर में यही रावण कई परिवारों को रोजगार दे रहा है। शहर के पंचम की फेल क्षेत्र में दस साल पहले दो-तीन परिवारों ने रेडीमेड रावण बनाकर बेचने का फैसला लिया था। अब यहां रावणों की मंडी लगने लगी है।

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शहरभर से लोग यहां रावण खरीदने आते हैं। कारीगर 10 से 20 फीट तक के रावण बनाकर आयोजन स्थल तक पहुंचाते हैं। 20 फीट से अधिक ऊंचाई वाले रावणों के ऑर्डर मिलने पर कारीगर आयोजन स्थल पर जाकर ही उनका निर्माण करते हैं। रावणों की कीमत दो हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक होती है। कारीगर केवल रावण का ढांचा तैयार करते हैं। उसमें घास और पटाखे लगाने की जिम्मेदारी आयोजकों की होती है।

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पंचम की फेल में नवरात्रि शुरू होने से पहले ही रावण बनाने का काम शुरू हो जाता है। सबसे पहले बांस का ढांचा तैयार किया जाता है। दशहरे से पांच दिन पहले रावण की पोशाक और चेहरे बनाने का काम शुरू होता है। रावण बनाने वाले कलाकार मनोज जारवाल का कहना है कि इसमें सबसे ज्यादा परेशानी चेहरे बनाने में आती है। इसके लिए चित्रकारों की मदद ली जाती है।

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दस मुंह वाले रावण के ऑर्डर सबसे ज्यादा आते हैं। कारीगर एक बड़ा चेहरा बनाकर देते हैं, जबकि बाकी चेहरे छोटे आकार के होते हैं। तीन साल पहले दशहरे पर बारिश के कारण कई रावण गीले हो गए थे। इसके बाद से वाटरप्रूफ रावणों की मांग भी बढ़ने लगी है।


 

कारीगरों का कहना है कि पहले आयोजक समितियों के कई सदस्य खुद भी रावण तैयार करते थे, लेकिन अब ज्यादातर आयोजक ऑर्डर देकर रावण बनवाते हैं। इसी वजह से रेडीमेड रावणों का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।

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