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Indore: इंदौर में बना 65 वीं बार ग्रीन काॅरिडोर, महिला वकील ने दी चार को जिंदगी
Sun, 02 Nov 2025 07:37 AM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sun, 02 Nov 2025 07:37 AM IST
सार
इंदौर में दो माह पहले ही अंगदान हुआ था। अब तक 64 बार इंदौर में ग्रीन काॅरिडोर बन चुके है और कई लोगों की जिंदगी अंगदान के कारण बची है। पांच साल पहले इंदौर में पहली बार अंगदान शुरू हुआ था। इसके बाद लोगों में भी जागरुकता आई।
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अभिजीता ने मृत्यु के बाद चार से ज्यादा लोगों को नई जिंदगी दी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
इंदौर अंगदान में भी देश में अग्रणी है। रविवार को 65 वीं बार इंदौर में ग्रीन काॅरिडोर बना। महिला वकील अभिजीता राठौर की ब्रेनडेथ के बाद उनके परिजनों ने अंगदान की इच्छा जताई। इंदौर हाईकोर्ट की वकील अभिजीता ने मृत्यु के बाद चार से ज्यादा लोगों को नई जिंदगी दी। इससे पहले पति ने पार्थिव देह को मंगलसूत्र पहनाकर विदाई दी। इस दौरान पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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अंगदान: इंदौर में बना 65 वीं बार ग्रीन काॅरिडोर, महिला वकील ने दी चार लोगों को जिंदगी
उनका लीवर सीएचएल अस्पताल और एक किडनी जुपिटर अस्पताल और दूसरी चोइथराम अस्पताल में भर्ती मरीजों के शरीर में प्रत्यारोपित की गई। इसके अलावा दो कार्निया व त्वचा भी दान की गई। निमोनिया के कारण उपचार के लिए भर्ती अभिजीता के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था, जबकि शरीर के बाकी अंग काम कर रहे थे। इस कारण परिजनों ने अंगदान की स्वीकृति दी।
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ग्रीन काॅरिडोर बनने के बाद जब अभिजीता को अस्पताल से ले जाया जाने लगा तो पति प्रवीण ने मंगलसूत्र पहनाकर अपनी अर्धांगिनी को विदा किया। प्रशासन की तरफ से राजकीय सम्मान के साथ अभिजीता की पार्थिव देह को विदाई दी गई। रविवार दोपहर 12 बजे इंदौर में तीनों अस्पतालों के बीच ग्रीन काॅरिडोर बना।
इंदौर में दो माह पहले ही अंगदान हुआ था। अब तक 64 बार इंदौर में ग्रीन काॅरिडोर बन चुके है और कई लोगों की जिंदगी अंगदान के कारण बची है। पांच साल पहले इंदौर में पहली बार अंगदान शुरू हुआ था। इसके बाद लोगों में भी जागरूकता आई और जिन परिवारों के किसी सदस्य की मौत ब्रेनडेथ से होती है, उनके परिजन अंगदान के लिए इंदौर के मुस्कान ग्रुप से संपर्क करते हैं।
राजकीय सम्मान से होती है अंत्येष्टि
ब्रेनडेथ के बाद शरीर के अंग काम करते हैं और वे दूसरे जरूरतमंद रोगियों को जीवन दे जाते हैं। सामान्य मृत्यु के बाद भी इंदौर में अंगदान के मामले बढ़े हैं, क्योंकि प्रदेश सरकार ने अंगदान करने वालों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान से करने का फैसला लिया है। इंदौर में अब तक चार अंगदानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ हो चुकी है।
