Indore: बीस सालों से बीआरटीएस पर पांच फ्लाॅप प्रयोग, करोड़ रुपये फिजूल खर्च
दस साल पहले जो बीआरटीएस बनाया गया। अब उसे तोड़ने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए है। इस सड़क के लिए लोगों ने करोड़ रुपये की जमीन स्वेच्छा से दी। 300 करोड़ रुपये इसमें खर्च किए है। अब बीआरटीएस तोड़कर चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे।
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इंदौर की सबसे व्यस्त सड़क एबी रोड( बीआरटीएस) पर बीस सालों में पांच योजनाएं बनी। कंसल्टेंट नियुक्त किए गए। उनकी फीस चुकाई गई। ड्राइंग डिजाइन बनी, उसमें पैसा व्यर्थ खर्च किया गया और फिर हुआ कुछ नहीं, लेकिन जनता के पसीने की कमाई अफसरों ने व्यर्थ गंवा दी।
दस साल पहले जो बीआरटीएस बनाया गया। अब उसे तोड़ने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए है। इस सड़क के लिए लोगों ने करोड़ रुपये की जमीन स्वेच्छा से दी। 300 करोड़ रुपये इसमें खर्च किए है। अब बीआरटीएस तोड़कर चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे।
प्रयोग एक- तत्कालीन मेयर कैलाश विजयवर्गीय के कार्यकाल में वर्ष 2000 में पलासिया चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर बनाने की योजना तैयार हुई। इसका भूमिपूजन हुआ, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
प्रयोग दो- दस साल पहले बीआरटीएस तैयार हुआ। बस लेन, स्टेशन बने, बसें खरीदी गई। मामला कोर्ट तक पहुंचा। बीआरटीएस सफल साबित हुआ, लेकिन दूसरी लेन में ट्रैफिक जाम होता था।
प्रयोग तीन- सांसद शंकर लालवानी जब इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष थे, तब उन्होंने बीआरटीएस के व्हाइट चर्च चौराहे पर ब्रिज और अंडरपास की योजना तैयार करवाई। इसके लिए कंसलटेंट भी नियुक्त हुआ। लाखों रुपये प्लानिंग पर खर्च हुए लेकिन फिर योजना बंद कर दी गई।
प्रयोग चार- केंद्र सरकार ने छह किलोमीटर लंबाई में एलिवेटेड रोड की योजना मंजूर की। इसके लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए। योजना तैयार होने के बाद निर्माण का ठेका गुजरात की कंपनी को दिया गया। इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रद्द करने का फैसला लिया था।
प्रयोग पांच- अब बीआरटीएस हटाने के बाद सरकार जंक्शनों पर ब्रिज बनाने जा रही है। इसके लिए सर्वे शुरू होगा। बीआरटीएस का काफी ट्रैफिक पूर्वी रिंग रोड पर शिफ्ट हो चुका है,क्योकि वहां चार जंक्शनों पर ब्रिज बन चुके है।
मेयर ने कहा-फैसले का हम स्वागत करते है
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीआरटीएस को हटाने की घोषणा की है। इस फैसले का हम स्वागत करते है। एबी रोड पर आने वाले समय में ब्रिज बनाना है। इसका सर्वे हो रहा है। ब्रिज बनेंगे तो बीआरटीएस वैसे भी ब्रेक होगा। कामन एरिया में चलने वाले लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए यह फैसला अनुचित है। कोर्ट में बीआरटीएस को हटाने की याचिका लंबित है।मुख्यमंत्री का फैसला नीतिगत है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि लंबित याचिका निर्णय पर संकट खड़ा करेगी। - पुष्य मित्र भार्गव,मेयर
