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Indore: पहले बनना चाहती थी सीए, अब वैराग्य के पथ पर चलेगी इंदौर की रानू

Sun, 10 Dec 2023 02:43 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 10 Dec 2023 02:43 PM IST
सार

रानू पांच साल पहले मुंबई में एक दीक्षा समारोह में शामिल होने गई थी।  उस समारोह से लौटने के बाद रानू ने खुद के जीवन में बदलाव महसूस किया और आध्यात्म की तरफ रुझान बढ़ने लगा। इसके बाद रानू के मन में वैराग्य की इच्छा ने जन्म लिया। 

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Indore: Earlier she wanted to become a CA, now Indore's Ranu will walk on the path of renunciation.
रानू अब वैराग्य के पथ पर चलेगी। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

26 वर्षीय रानू चांडलिया पढ़ने में तेज थी। बचपन से उसका सपना सीए बनने का था, लेकिन संतो के सानिध्य में मन बदला और लोकनायक नगर निवासी रानू ने वैराग्य के पथ पर चलने का फैसला लिया। 12 दिसंबर से उनका दीक्षा समारोह होगा और संतों की दुनिया में रानू को नया नाम मिलेगा। रानू संतों के साथ दो हजार किलोमीटर का विहार भी कर चुकी है।

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रानू पांच साल पहले मुंबई में एक दीक्षा समारोह में शामिल होने गई थी। उस समारोह से लौटने के बाद रानू ने खुद के जीवन में बदलाव महसूस किया और आध्यात्म की तरफ रुझान बढ़ने लगा।

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इसके बाद रानू के मन में वैराग्य की इच्छा ने जन्म लिया। परिवार को इस बारे में बताया, लेकिन माता-पिता के लिए भी अपने कलेजे के टुकड़े को खुद से दूर करने का फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन रानू की इच्छा का परिवार ने पूरा सम्मान किया और डेढ़ साल पहले माता-पिता राजी हो गए। गुरु ने भी आज्ञा दे दी।
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मुमुक्षु रानू के पिता पारस किराना व्यापारी है। उनकी एक दुकान है। माता अंजू गृहणी है। कुछ दिनों बाद रानू वैराग्य के पथ को अपना लेगी। राजेंद्र ऋषभ फाउंडेशन के तत्वावधान में लोकनायक नगर में एक कार्यक्रम होगा। इसके अलावा 12 दिसंबर को मंगल प्रभातफेरी और नवकारसी का आयोजन रतनबाग जैन मंदिर में होगा। आसपास के शहरों से समाज के लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।


13 दिसंबर को वरघोड़ा सुबह 9 बजे महावीर स्वामी जिनालय दलालबाग से निकलेगा। 14 दिसंबर को दलाल बाग में ही सुबह छह बजे दीक्षा समारोह होगा। 15 दिसंबर के बाद रानू नए नाम के साथ संतों के सानिध्य में रहेगी।

 

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