Indore: सिंधिया की भाजपा में एंट्री के समय पूर्व विधायक संजय शुक्ला को मिला था भाजपा में आने का प्रस्ताव
संजय शुक्ला के पिता विष्णु प्रसाद शुक्ला की गिनती इंदौर में भाजपा संगठन को खड़ा करने वाले नेतागणों में होती है। वे विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके है, लेकिन कभी विधायक नहीं बन पाए।
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इंदौर की एक नंबर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक संजय शुक्ला के भाजपा में जाने के बाद इंदौर के राजनीतिक समीकरण भी बदल गए है। संजय शुक्ला को साढ़े तीन साल पहले भी भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ भाजपा हुए थे, हालांकि तब शुक्ला नहीं गए, लेकिन अपने राजनीतिक गुरु सुरेश पचौरी के साथ वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के प्रस्ताव का खुलासा खुद शुक्ला ने किया था।
पिता थे भाजपा के वरिष्ठ नेता
संजय शुक्ला के पिता विष्णु प्रसाद शुक्ला की गिनती इंदौर में भाजपा संगठन को खड़ा करने वाले नेतागणों में होती है। वे विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके है, लेकिन कभी विधायक नहीं बन पाए। 90 के दशक में संजय शुक्ला ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने का फैसला लिया था। तब प्रदेश में दिग्विजय सिंह सरकार थी। वे सुदामा नगर वार्ड से कांग्रेस के पार्षद पहली बार बने थे।
भाई के चुनाव के समय किया था भाजपा का काम
संजय शुक्ला वैसे तो कांग्रेस के पार्षद रहे, लेकिन वर्ष 2004 में जब भाजपा ने उनके बड़े भाई राजेंद्र शुक्ला को टिकट दिया था तो मतदान के चार दिन पहले संजय शुक्ला ने खुलकर भाजपा का काम चुनाव में किया था। तब राजेंद्र के सामने चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार अश्विन जोशी ने प्रमाण सहित उनकी शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से की थी।
पटेल को भी शुक्ला ने साधा
पूर्व विधायक विशाल पटेल के संजय शुक्ला के साथ पारिवारिक रिश्ते है। व्यापार में भी उनकी साझेदारी है। पटेल की गिनती कमल नाथ समर्थकों में होती रही है, लेकिन भाजपा में आने के लिए उन्हें संजय शुक्ला ने ही साधा और वे सुरेश पचौरी के साथ भाजपा में आ गए। विशाल के पिता जगदीश पटेल भी देपालपुर के विधायक रह चुके है।
