Indore: जितनी उम्र,उतनी बार वैष्णो देवी के दरबार में लगाई हाजरी
रामबाग निवासी महिला बाल विकास विभाग से सेवानिवृत व कबड्डी खिलाडी जगमीत जैन के लिए माता कि भक्ति जुनून बन गया। वर्ष 1995 से शुरू हुआ सिलसिला आज भी जारी है। मन में संकल्प लिया था कि जितनी उम्र होगी उतनी बार माता के दर्शन करुँगी।
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चलो बुलावा आया है... माता ने बुलाया है...... माँ के इस बुलावे के इंतजार में अक्सर लोगों की उम्र निकल जाती है लेकिन माता के दरबार तक पहुंचने की इच्छा अधूरी रह जाती है। वहीं इंदौर निवासी 67 वर्षीय जगमीत जैन माता की ऐसी भक्त है कि अपने जीवन में 67 बार वैष्णोदेवी माता के दर्शन कर चुकी है। उनकी माँ के लिए अटूट श्रद्धा और भक्ति कब उनकी जिंदगी बन गई उन्हें पता नहीं चला। उम्र बढ़ती जा रही है पर माँ की भक्ति का जुनून थकने नहीं दे रहा है।
रामबाग निवासी महिला बाल विकास विभाग से सेवानिवृत व कबड्डी खिलाडी जगमीत जैन के लिए माता कि भक्ति जुनून बन गया। वर्ष 1995 से शुरू हुआ सिलसिला आज भी जारी है। श्रीमती जैन बताती है कि मन में संकल्प लिया था कि जितनी उम्र होगी उतनी बार माता के दर्शन करुँगी।
सितंबर 2024 में यह संकल्प पूरा हो गया। उम्र के 67वें वर्ष में अपनी उम्र के बराबर माता के दरबार में माथा टेकने की इच्छा पूरी हुई। वे बताती है कि करीब 30 साल पहले अपने पति सुभाष जैन के साथ पहली बार वैष्णो देवी की यात्रा की थी लेकिन दो वर्ष बाद ही उनका गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। उसके बाद अकेले ही अपनी सात वर्ष की बेटी पूजा को साथ लेकर यात्रा शुरू की जो सिलसिला आज तक जारी है।
छुट्टियों में मायका है माँ का दरबार
श्रीमती जैन कहती है कि अक्सर छुट्टियां लगने पर महिलाएं अपने मायके घूमने जाती है लेकिन मैं छुट्टी लगते ही माँ के दरबार में पहुंच जाती हूँ। यहाँ बिल्कुल मायके जैसा सुकून मिलता है।
67 नारियल की रोज पूजा होती है
बीते 30 वर्षों में माँ के दरबार में चढ़ाए हुए सभी नारियल घर के मंदिर में रखे है। हर साल नारियल की गिनती बढ़ती जा रही है जिनकी प्रतिदिन पूजा होती है। अब तक मंदिर में 67 नारियल चढ़ चुके है जिनमे कई वर्षों पुराने भी है।
