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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   In the next 19 years, 940 square kilometers of road and 107 bridges are required in Indore.

Indore News: इंदौर मेें अगले 19 सालों में 940 वर्ग किलोमीटर सड़क और 107 ब्रिजों की जरुरत

Fri, 10 Mar 2023 08:21 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Fri, 10 Mar 2023 08:21 PM IST
सार

स्टडी के मुताबिक शहर का विकास इस तरीके से करने पर जोर दिया गया कि शहर के हर हिस्से में बुनियादी सुविधाएं और रोजमर्रा के काम की चीजें उपलब्ध हो ताकि व्यक्ति को कोर सिटी एरिया में ना जाना पड़े।

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In the next 19 years, 940 square kilometers of road and 107 bridges are required in Indore.
इंदौर में भविष्य में नए लिंक मार्ग बनाने होंगे। - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

आने वाले 19 सालों के हिसाब से इंदौर के लिए एक ट्रैफिक प्लान तैयार हुआ है। जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2042 तक शहर की आबादी 74 लाख से ज्यादा हो जाएगी और वाहनों की संख्या भी काफी होगी। दिल्ली की एक बड़ी कंसल्टेंसी फर्म द्वारा बनाए इस प्लान का प्रेजेंटेशन शुक्रवार को दिया गया। जिसमे शहर के जनप्रतिनिधि और अफसर मौजूद थे। शहर में ट्रैफिक के लिए हुए सर्वे के निष्कर्षों को भी बैैठक मेें रखा गया। जिसमें बताया गया कि शहर में 940 वर्ग किलोमीटर सड़कों की जरुरत भविष्य में होगी और यातायात को सुगम करने के लिए 107 ब्रिज बनाना होंगे।

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इस स्टडी के मुताबिक शहर का विकास इस तरीके से करने पर जोर दिया गया कि शहर के हर हिस्से में बुनियादी सुविधाएं और रोजमर्रा के काम की चीजें उपलब्ध हो ताकि व्यक्ति को कोर सिटी एरिया में ना जाना पड़े। इसके लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में सब सिटी सेंटर विकसित किए जाए। साथ ही शहर की रिंग रोड को पूरा करने, उज्जैन से इंदौर और इंदौर से महू पीथमपुर तक मेट्रो ट्रेन चलाने और शहर में कुल 107 नए ब्रिज की जरूरत बताई गई।

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सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि सर्वे में यह बात भी निकल कर आई कि बढ़ती आबादी के साथ शहर के अंदर माल ढुलाई की समस्या भी बड़ी होती जाएगी। देवास नाका और भंवरकुआं जैसे ट्रकों के बड़े हब पहले से ही शहर के अंदर आ चुके हैं। ऐसे में आबादी बढ़ने के साथ ट्रकों की संख्या भी बढ़ेगी और इससे हादसों का डर लगातार बना रहेगा। इसके लिए जरूरी है कि शहर के मास्टर प्लान के साथ शहर में माल ढुलाई की व्यवस्था भी इंटीग्रेटेड हो।

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क्या है सर्वे की खास बातें

-सर्वे के मुताबिक शहर में 35% से ज्यादा लोग अपनी टू व्हीलर का इस्तेमाल करते है। करीब 20% लोग सिटी बसों का इस्तेमाल करते है।

-12 परसेंट लोग अब भी ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं पैदल चलने वालों की संख्या करीब 23 प्रतिशत है।

-शहर में फिलहाल इंटरसिटी टर्मिनल नहीं है इसलिए पांच नए इंटरसिटी टर्मिनल बनाया जाए। साथ ही मल्टीमॉडल हब बनाने की बात भी कही गई है। मल्टीमॉडल हब यानी जहां पर शहर में मौजूद यातायात के सभी साधन एक जगह पर उपलब्ध हो जैसे मेट्रो, सिटी बस मैजिक एवं इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा।

-शहर की जनसंख्या को देखते हुए साल 2042 तक करीब 3,000 सिटी बसों की आवश्यकता होगी। सर्वे को करने वाली एजेंसी के मुताबिक हर एक लाख की आबादी पर 40 बसें होनी चाहिए लेकिन भारत के किसी भी शहर में इस अनुपात में बसें नहीं है।

लिंक रोड का शहर में अभाव

इस सर्वे के महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि शहर में लिंक रोड का अभाव है।जैसे अगर उज्जैन से किसी को देवास रोड पर जाना हो तो उसके लिए शहर में आने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अगर शहर में ठीक ढंग से लिंक रोड भी बना दिया जाए तो शहर के अंदर आने वाले बहुत सारे ट्रैफिक के दबाव को कम किया जा सकता है। सर्वे में इंदौर से उज्जैन एवं इंदौर से महू एवं पीथमपुर के लिए मेट्रो चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

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