Indore: विधायक पटवारी को नजरअंदाज कर नाथ बैठक के लिए पहुंचे दिल्ली, राहुल ने जूम एप से मिटिंग मेें जोड़ा
बैैठक को लेकर विधायक पटवारी ने कहा कि दोपहर में दिल्ली से काॅल आया था। इसके बाद आनलाइन मिटिंग में जुड़ा था। बैठक में क्या चर्चा हुई। यह मैं नहीं बता सकता। विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मिटिंग में दिल्ली से ही मुझे जोड़ा गया था।
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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और इंदौर के कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की राजनीतिक जंग जगजाहिर है। नाथ उन्हें ज्यादा पसंद नहीं करते हैं और पटवारी भी उन्हें तवज्जो नहीं देते हैं। दिल्ली में हुई बैठक के बहाने दोनों नेताओं के बीच की तनातनी एक बार फिर चर्चा में है। हुआ यूं कि विधायक पटवारी को नजरअंदाज कर कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अरूण यादव सहित प्रदेश के अन्य 12 नेता कांग्रेस की दिल्ली बैठक में शामिल होने पहुंच गए थे। सोमवार दोपहर जब बैठक शुरू हुई तो राहुल गांधी ने देखा कि प्रदेश से आए नेताओं में पटवारी नजर नहीं आ रहे हैं। इसके बाद राहुल के निर्देश पर पटवारी को जूम एप से मीटिंग में जोड़ा गया। पटवारी ने संगठन की बेहतरी के लिए सुझाव भी दिए।
पूरे दो घंटे मीटिंग से जुड़े रहे पटवारी
जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। बावजूद इसके उन्हें दिल्ली की बैठक में शामिल होने की कोई सूचना नहीं थी, लेकिन राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद वे पूरे दो घंटे एप के माध्यम से मीटिंग में जुड़े रहे।
कमलेश्वर पटेल को भी जोड़ा गया
विधायक पटवारी के अलावा कांग्रेस विधायक कमलेश्वर पटेल को भी मप्र से संबंधित कांग्रेस की इस अहम बैठक से ऑनलाइन जोड़ा गया था। बैठक में राहुल ने प्रदेश के नेताओं से कहा कि कर्नाटक में जिस शैली में चुनाव लड़ा, उसे मध्य प्रदेश में भी अपनाया जाए। स्थानीय मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने में कसर न रखी जाए। बैठक के दौरान पटवारी और पटेल ने भी प्रदेश की चुनावी रणनीति को लेकर अपने सुझाव दिए।
दोपहर में दिल्ली से काॅल आया था : पटवारी
बैठक को लेकर विधायक पटवारी ने कहा कि दोपहर में दिल्ली से काॅल आया था। इसके बाद ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ा था। बैठक में क्या चर्चा हुई। यह मैं नहीं बता सकता हूं। विधायक कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मीटिंग में जुड़ने के लिए हमारी तरफ से आग्रह नहीं किया गया था। दिल्ली से ही मुझे जोड़ा गया था। हमने पार्टी फोरम पर जो बात रखी, वो मीडिया में बताने का विषय नहीं है।
निलंबन के बाद नहीं मिला था संगठन का साथ
बता दें, विधानसभा के बजट सत्र में विधायक पटवारी के निलंबन के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन की तरफ से उन्हें संगठन का भरपूर साथ नहीं मिला और वे अलग-थलग पड़ गए थे। तब से ही कमलनाथ और पटवारी के बीच दूरियां बढ़ गईं। नाथ जब इंदौर आते हैं तो पटवारी खानापूर्ति के लिए उनसे मिलने जाते हैं। इंदौर में शहर अध्यक्ष पद पर अरविंद बागड़ी की नियुकि्त से भी कमलनाथ नाराज थे और उन्होंने नियुक्ति होल्ड कर दी। बागड़ी की नियुक्ति पटवारी ने सीधे दिल्ली से कराई थी।
एकजुट कांग्रेस, बिखरी नजर आई : सलूजा
उधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस एकजुट रहने का दावा कर रही है, लेकिन दिल्ली की बैठक से पटवारी और पटेल को दूर रखने के प्रयासों ने बता दिया कि नाथ सबको साथ लेकर नहीं चलते हैं। कांग्रेस बिखरी नजर आई।
