फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Ganesh Utsav: The statues of Indore Museum tell the ancient history of Ganesh Puja

Ganesh Utsav: इंदौर म्यूजियम की प्रतिमाएं बताती हैं गणेश पूजा का इतिहास, अफगानिस्तान से थाईलैंड तक मिले प्रमाण

Wed, 03 Sep 2025 03:26 PM IST
Kamlesh Sen कमलेश सेन
Updated Wed, 03 Sep 2025 03:26 PM IST
सार

इंदौर और मंदसौर में 11वीं शताब्दी की दुर्लभ गणेश प्रतिमाएं संग्रहालय में संरक्षित हैं। उज्जैन का चिंतामन गणेश मंदिर अहिल्याबाई होल्कर द्वारा जीर्णोद्धारित है और इसे परमारकाल या रामायण काल से जोड़ा जाता है। मैसूर साम्राज्य ने अपने तांबे के सिक्कों पर गणेशजी की आकृति अंकित की थी। अफगानिस्तान में भी चौथी–पांचवीं शताब्दी की गणेश मूर्तियां मिली हैं, जबकि थाईलैंड की मुद्रा पर भी गणेशजी की आकृति दर्ज है।

विज्ञापन
Ganesh Utsav: The statues of Indore Museum tell the ancient history of Ganesh Puja
11वीं शताब्दी की गणेश प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गणेश पूजा का सिलसिला सदियों से जारी है। इंदौर के पुरातत्व संग्रहालय में 11वीं शताब्दी की गणेश प्रतिमाएं हैं, जबकि राजस्थान के जोधपुर के घटियाल में लगे 862 ईस्वी (विक्रम संवत 918) के एक शिलालेख के शीर्ष पर गणेशजी की चार मूर्तियां हैं। इतिहास के जानकारों के अनुसार भगवान गणेशजी की पूजा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान से लेकर थाईलैंड तक होती थी। थाईलैंड में तो गणेशजी की मुद्रा वहां की मुद्रा पर भी अंकित की गई थी।

विज्ञापन

Ganesh Utsav: The statues of Indore Museum tell the ancient history of Ganesh Puja
11वीं शताब्दी की गणेश प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
इंदौर और मंदसौर जिले में हैं कई दुर्लभ गणेश मूर्तियां
इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र धुलेट, अरंडिया, घुड़िया, रामगढ, रोजड़ी, सनावदिया, खुड़ैल बुजुर्ग, दुर्जनपुरा और मानपुर में गणेशजी के प्राचीन मंदिर हैं। पुरातत्वविद एवं दशपुर प्राच्य शोध संस्थान के निदेशक डॉ. कैलाशचंद्र पांडेय के अनुसार मालवा-निमाड़ में गणेशजी की पूजा उज्जैन में प्राचीन समय से जारी है। मंदसौर के हिंगलाजगढ़ किले में मिली ग्यारहवीं शताब्दी की दो दुर्लभ गणेश प्रतिमाएं इंदौर के म्यूजियम में प्रदर्शित हैं। नृत्य गणेश और गणेश जी हाथों में वाद्य यंत्र की मूर्तियां दुर्लभ संग्रहालय में हैं। 

अहिल्याबाई ने कराया था चिंतामन गणेश मंदिर का जीर्णोद्धार
उज्जैन का चिंतामन गणेश मंदिर अति प्राचीन है। देवी अहिल्या बाई होल्कर ने उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। कुछ इतिहासकार इस मंदिर को  परमारकालीन और कुछ रामायण काल का मानते हैं। इससे जाहिर होता है कि मालवा में गणेश की पूजा प्राचीन काल से हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

Ganesh Utsav: The statues of Indore Museum tell the ancient history of Ganesh Puja
11वीं शताब्दी की गणेश प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
मैसूर के तांबे के सिक्के पर अंकित थे गणेशजी
प्राचीन राजाओं ने अपनी रियासत की मुद्रा पर भी गणेशजी की आकृति अपने टकसालों में ढलवाई थी। खरगोन निवासी मिलिंद कुमार महाजन के अनुसार मैसूर साम्राज्य ने जो सिक्का जारी किया था, वह उनके निजी संग्रह में है। वह  चार ग्राम तांबे का सिक्का है, जिसके अग्र भाग पर गणेशजी और पीछे ज्यामिति की आकृति मुद्रित है। इन सिक्कों को कासु कहा जाता था।

ये भी पढ़ें- खंडवा में ATS ने चार युवकों को उठाया, सिमी मुखिया अकील खिलजी का बेटा गिरफ्तार; महाराष्ट्र ले गई पुलिस
 
विज्ञापन

Ganesh Utsav: The statues of Indore Museum tell the ancient history of Ganesh Puja
11वीं शताब्दी की गणेश प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान में भी मिली प्राचीन मूर्तियां
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के भुमरा के गुप्त मंदिर में गणेश जी की मूर्ति होने से स्पष्ट होता है गुप्तोत्तर काल में भी गणेश जी की पूजा होती थी। पड़ोसी देश अफगानिस्तान में चौथी और पांचवीं शताब्दी की गणेश की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। अफगानिस्तान में गणेश जी की पूजा होने का उल्लेख चीनी यात्री युवान-च्वांग के विवरण से भी होता है। वह छठी शताब्दी के मध्य में भारत आया था।

10 बहत
थाईलैंड में हिंदी देवी देवताओं की जैसे भगवान गणेश की आकृति वाला 10 बहत (थाईलैंड की मुद्रा का नाम) का सिक्का 2011 में जारी किया गया था। इसी तरह 1998 में 20 हजार रुपये का एक नोट भी जारी किया, जिस पर भगवान गणेश की तस्वीर अंकित थी। हालांकि, 2008 में यह नोट प्रचलन से हटा दिया गया। यह नोट भी मिलिंद महाजन के संग्रह में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed