Indore:गोम्मटगिरी में अतिक्रमण से जैन समाज में रोष, 50 विधानसभा सीटों पर जैन समाज खड़े करेगा उम्मीदवार
दिगंबर जैन समाज को गोम्मटगिरि पर भूमि सरकार ने आवंटित की है। समाज का कहना है कि हमारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर देव नारायण मंदिर में आने जाने का रास्ता बना रखा है। उधर गुर्जर समाज का कहना है कि जैन समाज को दी गई जमीन से पहले वहां देवनारायण मंदिर है।
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चुनावी साल में जैन समाज ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाने का फैसला लिया है। जैन तीर्थ गोम्मटगिरी में गुर्जर समाज द्वारा बनाए जा रहे रास्ते से नाराज जैन समाज विधानसभा चुनाव में 50 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगा। इसकी घोषणा समाज के पदाधिकारियों ने की। इसके अलावा प्रशासन के रवैए से नाराज संत सुधा सागर, संत पुलक सागर, संत प्रमाण सागर की अगुवाई में चार्तुमास के बाद इंदौर में एक बड़ा आंदोलन होगा।
भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष भरत मोदी ने यह बताया कि गोम्मटगिरि ट्रस्ट 2010 से गोम्मटगिरि तीर्थ क्षेत्र की बाउंड्री वाल बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रशासन के अफसर जैन समाज को हक दिलाने के बजाय दिगंबर जैन समाज के लोगों को ही दबाने का कार्य कर रहे है,जबकि दिगंबर जैन समाज को गोम्मटगिरि पर भूमि सरकार ने ही आंवंटित की है।
कोर्ट ने भी बाउंड्रीवाल बनाने की अनुमति दी है, इसके बावजूद प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। जैन का कहना है कि टेकरी की शासकीय भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर देव नारायण मंदिर में आने जाने का रास्ता और धर्मशाला बना रखी है। इस के बावजूद गुर्जर समाज जैन ट्रस्ट की भूमि में से अपने आने जाने का रास्ता बनाना चाहता है।
हमें बाउंड्रीवाॅल भी नहीं बनाने दी जा रही है। गोम्मटगिरि ट्रस्ट को मध्य प्रदेश शासन ने 40 साल पहले जमीन आवंटित की है। उधर गुर्जर समाज का कहना है कि जैन समाज को दी गई जमीन से पहले वहां देवनारायण मंदिर है। इस वजह से उसका नाम देवधरम टेकरी है। हम तो सिर्फ मंदिर तक जाने के लिए रास्ता चाहते है।
संतो ने जारी किया वीडियो
इस विवाद में जैन संत भी शामिल हो गए। पुलक सागर महाराज, आदित्य सागर व अन्य संतों ने वीडियो जारी कर सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जैन समाज किसी की भूमि पर कब्जा नहीं चाहता, लेकिन खुद की भूमि की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे। देश भर के जैन समाज के संत चातुर्मास के बाद इंदौर आएंगे और यहाँ पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस के बाद भी सरकार नहीं मानी तो जैन समाज इंदौर समेत प्रदेश की 50 विधान सभा सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगा।
