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चार दिनी छठ पर्व आज से: नहाए खाए से होगी शुरुआत, इंदौर और आसपास बसे चार लाख पूर्वांचलवासी करेंगे मैया की भक्ति

Sat, 25 Oct 2025 05:00 AM IST
Kamlesh Sen कमलेश सेन
Updated Sat, 25 Oct 2025 05:00 AM IST
सार

Chhath Parv In Indore: इंदौर के कई क्षेत्रों में जहां पूर्वांचलवासी निवास करते हैं, वहां छठ पर्व की तैयारियां पूरी हो गई हैं और कुंड को साफ कर तैयार किया गया है। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी यानी 25 अक्तूबर को नहाय और खाय से यह पर्व आरंभ होगा।

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Four-day Chhath festival begins today with Nahay Khaye, Purvanchal residents will perform puja in Indore
इंदौर में छठ महापर्व की तैयारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मालवा का इंदौर जो अपनी मालवी और निमाड़ी संस्कृति की पहचान अलग ही रखता है। नगर में कपड़ा मिलों की स्थापना के बाद कार्य की तलाश में देश भर से लोग यहां आकर बसे। जब देश के विभिन्न प्रांतों के नागरिक किसी स्थान पर बसते हैं, तो उनकी संस्कृति और पर्वों को वे अपनी जन्म स्थली पर जाने के बजाय कर्म स्थली पर ही मनाना शुरू कर देते हैं। इंदौर और आसपास के शहरों में करीब 4 लाख पूर्वांचलवासी बसे हैं, जो छठ पर्व पूर्ण भक्तिभाव से मनाएंगे। चार दिनी छठ पर्व की शुरुआत शनिवार को नहाए खाए से होगी। 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगा।

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Four-day Chhath festival begins today with Nahay Khaye, Purvanchal residents will perform puja in Indore
छठ पर्व में क्या-क्या होगा? - फोटो : अमर उजाला

इंदौर के कई क्षेत्रों में जहां पूर्वांचलवासी निवास करते हैं, वहां छठ पर्व की तैयारियां पूरी हो गई हैं और कुंड को साफ कर तैयार किया गया है। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी यानी 25 अक्तूबर को नहाय और खाय से यह पर्व आरंभ होगा। छठ को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और अगले दिन सुबह यानी 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व का समापन होगा। नगर में जिन स्थानों पर छठ पर्व आयोजित होता है, वहां पूर्वांचल की संस्कृति की खास झलक देखने को मिलती है। एक अनुमान के अनुसार नगर में करीब 1990 से यह पर्व मनाया जाता है, इस तरह करीब 36 वर्ष से नगर में छठ पर्व का आयोजन हो रहा है।

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जल का महत्व बताने वाला पर्व
भारतीय संस्कृति में पर्वों और त्योहारों में पर्यावरण, जल और जीव संरक्षण और उनके प्रति श्रद्धा के भाव की सीख देते हैं। गोवर्धन पूजा पर पशुओं की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक माह में भगवान श्री हरि जल में निवास करते हैं और सूर्य को जल का अर्घ्य देकर सूर्य का पूजन करते हैं। छठ पर्व वास्तव में जल के महत्व को दर्शाता है।
 

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Four-day Chhath festival begins today with Nahay Khaye, Purvanchal residents will perform puja in Indore
छठ पर्व देता है पर्यावरण संरक्षण का संदेश - फोटो : अमर उजाला

यहां मनेगा छठ पर्व
इंदौर में बाणगंगा, विजय नगर, एरोड्रम रोड, कैट रोड और अन्य क्षेत्रों में छठ पर्व के कुंड तैयार हो गए हैं। पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान इंदौर के जगदीश सिंह ठाकुर का कहना है कि पूर्वोत्तर वासी छठ पर नगर में ही अपने-अपने क्षेत्रों में यह पर्व मनाते हैं। इंदौर नगर और औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को सम्मिलित कर करीब सात से आठ लाख बिहार, यूपी और झारखंड के निवासी मालवा के इस नगर और आसपास  में रहते हैं। नगर में करीब 100 से 150 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन आयोजित होता है। इंदौर के आसपास पीथमपुर, देवास, इंदौर, महू और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों को मिलकर करीब आठ लाख पूर्वांचल वासी निवास करते हैं।

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