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Indore News: जेल में पूजा करते समय आया हार्ट अटैक, पूर्व बैंक मैनेजर ने दम तोड़ा, सीबीआई ने सुनाई थी सजा
Thu, 29 Feb 2024 01:51 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 29 Feb 2024 01:51 PM IST
सार
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के केस में साल जेल की सजा सुनाई गई थी। कैदियों से कहा करते थे कि जेल की जिंदगी से अच्छा है भगवान उन्हें उठा ले।
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हार्ट अटैक
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
जेल में पूजा करते समय एक पूर्व बैंक मैनेजर का हार्ट अटैक आ गया और उन्होंने वहीं पर दम तोड़ दिया। इंदौर की जिला जेल में वह दो महीने से बंद थे। वे पूजा कर रहे थे तभी अचानक गिर गए और फिर नहीं उठे। सीबीआई कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के सात केस में पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। मृतक का नाम नागेश (65) पुत्र खिलराम निवासी शास्त्री नगर है।
जेल प्रबंधन के मुताबिक बुधवार शाम को जब अटैक आया तब वे जेल में बने मंदिर में पूजा कर रहे थे। वे यहां सुबह और शाम को नियमित रूप से पूजा पाठ करते थे और अधिकांश समय पूजा पाठ में ही व्यस्त रहते थे। पूजा के बाद बेसुध दिखने पर अन्य कैदियों ने उन्हें हिलाकर देखा पर शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। उन्हें अन्य कैदी उठाकर जेल के मेडिकल वार्ड में ले गए। इसे साइलेंट अटैक माना जा रहा है। यहां से एमवाय अस्पताल रैफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने बुधवार शाम परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह उनका पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
तनाव दूर करने के लिए धार्मिक पुस्तकें पढ़ते थे
सीबीआई कोर्ट ने नागेश को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के सात केस में पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। वे दो महीने से जेल में बंद थे। नागेश उज्जैन और इंदौर की बैक में पदस्थ रहे। उनके साथ बैंक के उनके पांच अन्य साथी भी थे लेकिन वह सभी से कम ही बातचीत करते थे। परिवार हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहता है और एक बेटा दिल्ली में जॉब करता है। तनाव दूर करने के लिए धार्मिक पुस्तकें पढ़ते थे। जेल प्रबंधन के मुताबिक वे साथी कैदियों से कहा करते थे कि जेल की जिंदगी से अच्छा है भगवान उन्हें उठा ले।
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जेल प्रबंधन के मुताबिक बुधवार शाम को जब अटैक आया तब वे जेल में बने मंदिर में पूजा कर रहे थे। वे यहां सुबह और शाम को नियमित रूप से पूजा पाठ करते थे और अधिकांश समय पूजा पाठ में ही व्यस्त रहते थे। पूजा के बाद बेसुध दिखने पर अन्य कैदियों ने उन्हें हिलाकर देखा पर शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। उन्हें अन्य कैदी उठाकर जेल के मेडिकल वार्ड में ले गए। इसे साइलेंट अटैक माना जा रहा है। यहां से एमवाय अस्पताल रैफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने बुधवार शाम परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह उनका पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
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तनाव दूर करने के लिए धार्मिक पुस्तकें पढ़ते थे
सीबीआई कोर्ट ने नागेश को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के सात केस में पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। वे दो महीने से जेल में बंद थे। नागेश उज्जैन और इंदौर की बैक में पदस्थ रहे। उनके साथ बैंक के उनके पांच अन्य साथी भी थे लेकिन वह सभी से कम ही बातचीत करते थे। परिवार हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहता है और एक बेटा दिल्ली में जॉब करता है। तनाव दूर करने के लिए धार्मिक पुस्तकें पढ़ते थे। जेल प्रबंधन के मुताबिक वे साथी कैदियों से कहा करते थे कि जेल की जिंदगी से अच्छा है भगवान उन्हें उठा ले।
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