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Indore News: भाजपा नेता अक्षय बम पर पुलिस केस की मांग, कॉलेज से लीक हुए एमबीए के पेपर
Sat, 08 Jun 2024 07:27 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 08 Jun 2024 07:27 PM IST
सार
डीएवीवी के पेपर लीक मामले में भाजपा नेता का नाम आने के बाद राजनीति भी गरमा गई है। छात्र संगठन और कांग्रेस अब कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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DAVV, Akshay Kanti Bam
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में डीएवीवी (देवी अहिल्या विश्वविद्यालय) के पेपर लीक मामले में भाजपा नेता अक्षय कांति बम का नाम सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई है। अक्षय के कॉलेज आइडिलिक से यह पेपर लीक हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कम्प्यूटर आपरेटर और दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस बीच कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।
कांग्रेस से भाजपा में आए हैं अक्षय
अक्षय कांति बम लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से इंदौर लोकसभा प्रत्याशी थे। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने नाम वापस ले लिया और वे भाजपा में शामिल हो गए। इस कारण कांग्रेस इंदौर से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाई थी। छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि हम मामले में जांच कर रहे हैं। अब आइडिलिक कॉलेज की प्रिंसिपल से भी पूछताछ करेंगे। आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रिंसिपल के रूम तक कैसे पहुंच गया इसकी जांच की जाएगी।
कैसे लीक हुए पेपर
आइडिलिक कॉलेज के ऑपरेटर दीपक पिता सुरेश सोलंकी निवासी रंगवासा रोड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ दो अन्य छात्रों को पकड़ा गया है। दीपक ने कॉलेज प्रिंसिपल के रूम से पेपर के बंडल की सील लोहे के स्केल से तोड़कर पेपर निकाला और मोबाइल से फोटो खींचकर कॉलेज के एक छात्र को दो हजार रुपए में बेचा था। फिर छात्र ने इसे अपने साथी को वॉट्सऐप पर भेजा। पुलिस ने स्टूडेंट धीरेंद्र नरवरिया और गौरव सिंह को पकड़ा है। ऑपरेटर दीपक ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। जिस अलमारी में पेपर के बंडल रखे जाते हैं, उसकी चाबी प्रिंसिपल के ड्रॉवर में ही रहती है। शाम को स्टाफ के जाने के बाद उसने बंडल निकाला और स्केल की मदद से सील उचकाकर पेपर निकाला और फिर वापस रख दिया। इससे किसी को पेपर लीक होने का शक नहीं हुआ। परीक्षा के एक दिन पहले रात में ही यह पेपर सोशल मीडिया पर आ गए थे।
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अक्षय बम के कॉलेज की मान्यता निरस्त हो
एबीवीपी के महानगर मंत्री सार्थक जैन ने कहा कि हमारी मांग है कि भाजपा नेता अक्षय बम के आइडिलिक कॉलेज की मान्यता निरस्त होना चाहिए। इसके साथ डीएवीवी में भी धारा 52 लगाकर कुलपति रेणु जैन को हटाया जाना चाहिए। क्योंकि वे भी यूनिवर्सिटी में अनुशासन बनाने में सफल नहीं रही हैं।
पुलिस कार्रवाई की मांग भी उठी
डीएवीवी पूर्व कार्यपरिषद सदस्य एवं इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी समन्वयक तेज प्रकाश राणे ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं कुलपति से मांग की है कि अक्षय बम के कॉलेज की मान्यता तुरंत निरस्त हो और अक्षय पर पुलिस प्रकरण दर्ज करवाया जाए। राणे ने कहा कि इनकी वजह से हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया।
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कांग्रेस से भाजपा में आए हैं अक्षय
अक्षय कांति बम लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से इंदौर लोकसभा प्रत्याशी थे। चुनाव से ठीक पहले उन्होंने नाम वापस ले लिया और वे भाजपा में शामिल हो गए। इस कारण कांग्रेस इंदौर से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाई थी। छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि हम मामले में जांच कर रहे हैं। अब आइडिलिक कॉलेज की प्रिंसिपल से भी पूछताछ करेंगे। आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रिंसिपल के रूम तक कैसे पहुंच गया इसकी जांच की जाएगी।
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कैसे लीक हुए पेपर
आइडिलिक कॉलेज के ऑपरेटर दीपक पिता सुरेश सोलंकी निवासी रंगवासा रोड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ दो अन्य छात्रों को पकड़ा गया है। दीपक ने कॉलेज प्रिंसिपल के रूम से पेपर के बंडल की सील लोहे के स्केल से तोड़कर पेपर निकाला और मोबाइल से फोटो खींचकर कॉलेज के एक छात्र को दो हजार रुपए में बेचा था। फिर छात्र ने इसे अपने साथी को वॉट्सऐप पर भेजा। पुलिस ने स्टूडेंट धीरेंद्र नरवरिया और गौरव सिंह को पकड़ा है। ऑपरेटर दीपक ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। जिस अलमारी में पेपर के बंडल रखे जाते हैं, उसकी चाबी प्रिंसिपल के ड्रॉवर में ही रहती है। शाम को स्टाफ के जाने के बाद उसने बंडल निकाला और स्केल की मदद से सील उचकाकर पेपर निकाला और फिर वापस रख दिया। इससे किसी को पेपर लीक होने का शक नहीं हुआ। परीक्षा के एक दिन पहले रात में ही यह पेपर सोशल मीडिया पर आ गए थे।
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अक्षय बम के कॉलेज की मान्यता निरस्त हो
एबीवीपी के महानगर मंत्री सार्थक जैन ने कहा कि हमारी मांग है कि भाजपा नेता अक्षय बम के आइडिलिक कॉलेज की मान्यता निरस्त होना चाहिए। इसके साथ डीएवीवी में भी धारा 52 लगाकर कुलपति रेणु जैन को हटाया जाना चाहिए। क्योंकि वे भी यूनिवर्सिटी में अनुशासन बनाने में सफल नहीं रही हैं।
पुलिस कार्रवाई की मांग भी उठी
डीएवीवी पूर्व कार्यपरिषद सदस्य एवं इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी समन्वयक तेज प्रकाश राणे ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं कुलपति से मांग की है कि अक्षय बम के कॉलेज की मान्यता तुरंत निरस्त हो और अक्षय पर पुलिस प्रकरण दर्ज करवाया जाए। राणे ने कहा कि इनकी वजह से हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया।
