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Indore News: मिलावटी दही बेच रहा था डेयरी व्यापारी, एक साल की जेल हुई, जुर्माना भी लगा
Sat, 22 Jul 2023 08:57 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 22 Jul 2023 08:57 PM IST
सार
मिलावटी दही adulterated curd और दूध की शिकायतों के बाद शहर में कई जगह सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में एक डेयरी व्यापारी को मिलावटी दही बेचने के मामले में एक साल की सश्रम जेल हुई है। व्यापारी पर दस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायालय नगर निगम इंदौर द्वारा आपराधिक प्रकरण में यह आदेश पारित हुआ है।
जांच में मिलावटी निकले डेयरी से लिए सैंपल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभागके निरीक्षक सुभाष खेड़कर द्वारा खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के अंतर्गत शिवम डेयरी मल्हारगंज का निरीक्षण किया गया। फर्म मालिक संजय खंडेलवाल की उपस्थिति में मौके से दही और अन्य दूध उत्पाद के सैंपल जांच के लिए इकट्ठे किए गए। सैंपल को जांच के लिए लोक विश्लेषक राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया। बाद में प्रयोगशाला भोपाल से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार दही का नमूना मिलावटी मिला। प्रकरण को विवेचना के बाद विशेष न्यायालय नगर निगम में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा सजा का निर्णय पारित किया गया। इसमें आरोपी संजय खंडेलवाल को मिलावटी दही का बेचने, निर्माण करने एवं भंडारण करने का दोषी पाया गया। संजय को एक साल का सश्रम कारावास हुआ। इसके साथ दस हजार का जुर्माना भी किया गया। व्यापारी को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 की धारा 7/16 के अंतर्गत यह सजा हुई है।
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जांच में मिलावटी निकले डेयरी से लिए सैंपल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभागके निरीक्षक सुभाष खेड़कर द्वारा खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के अंतर्गत शिवम डेयरी मल्हारगंज का निरीक्षण किया गया। फर्म मालिक संजय खंडेलवाल की उपस्थिति में मौके से दही और अन्य दूध उत्पाद के सैंपल जांच के लिए इकट्ठे किए गए। सैंपल को जांच के लिए लोक विश्लेषक राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया। बाद में प्रयोगशाला भोपाल से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार दही का नमूना मिलावटी मिला। प्रकरण को विवेचना के बाद विशेष न्यायालय नगर निगम में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा सजा का निर्णय पारित किया गया। इसमें आरोपी संजय खंडेलवाल को मिलावटी दही का बेचने, निर्माण करने एवं भंडारण करने का दोषी पाया गया। संजय को एक साल का सश्रम कारावास हुआ। इसके साथ दस हजार का जुर्माना भी किया गया। व्यापारी को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 की धारा 7/16 के अंतर्गत यह सजा हुई है।
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