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Indore: अनाथ बच्चों को बाइबिल पढ़ाई, रोज चर्च ले जाते, मिशनरी अनाथालय के संचालक पर एफआईआर, 71 बच्चे मिले
Wed, 26 Jul 2023 12:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:30 PM IST
सार
जोबट में हिंदू युवा जनजाति संगठन के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, बाल आयोग ने कहा मामला गंभीर, मानव तस्करी के एंगल पर शुरू हुई जांच
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अनाथालय में जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के पास जोबट में धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। जोबट के मिशनरी बाल गृह की संस्था अध्यक्ष कल्पना डेनियल पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यहां की कई शिकायतें आ रहीं थी जिसके बाद निरीक्षण के बाद राज्य बाल संरक्षण आयोग ने निरीक्षण किया और इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। सदस्यों ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और अब यहां के सभी 13 सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह भी पता चला है कि बिना पंजीयन के ही यह संस्था 35 साल से चल रही थी।
क्या है मामला
जोबट के नर्मदा नगर में आदिवासी सहायता समिति की ओर बाल गृह संचालित किया जा रहा है। इसकी कई शिकायतें आ चुकीं थी। इसके बाद राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह, सोनम निनामा ने स्थानीय बाल कल्याण समिति अध्यक्ष और अफसरों के साथ सोमवार को यहां जांच की। दल ने निरीक्षण में पाया कि संस्था का संचालन गैर कानूनी तरीके से किया जा रहा था। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 42 के तहत बाल गृह पंजीयन के दस्तावेज मांगने पर समिति अध्यक्ष कल्पना डेनियल उपलब्ध नहीं करा पाईं। दरअसल, यह संस्था बिना पंजीयन के ही 35 साल से संचालित हो रही थी। इसके बाद बाल आयोग ने जोबट पुलिस थाने पर नियमों का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज कराई। संस्था अध्यक्ष के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह टीम फिर पहुंची और बयान लिए गए। पालकों के अलावा यहां रहने वाले बच्चों को भी बयान के लिए बुलाया गया। बच्चों का मेडिकल कराकर उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं।
धर्मांतरण की आशंका, मानव तस्करी पर भी जांच
बाल आयोग सदस्य ओंकार सिंह ने धर्मांतरण की आशंका भी जाहिर की है। बच्चों को कहां से लाया गया, यह भी पता लगाया जा रहा है। मामले में मानव तस्करी की भी आशंका है। महिला व बाल विकास विभाग के माध्यम से पुलिस को आवेदन देकर समिति अध्यक्ष के खिलाफ जेजे एक्ट के उल्लंघन की एफआईआर दर्ज कराई है।
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71 बच्चे मिले, 59 नाबालिग
यहां 71 बालक-बालिकाएं मिले, जिनमें 59 नाबालिग हैं। यहां 35 बालिकाएं मिलीं, जिनमें 30 नाबालिग हैं। अधिकांश बालिकाएं अनाथ हैं। एक अलग भवन में 36 बालक भी निवासरत है, जिनमें 29 नाबालिग हैं। साथ ही वृद्धाश्रम भी संचालित पाया गया, जिसमें 13 वृद्ध रह रहे हैं।
चौंकाने वाली जानकारियां मिली
हर बच्चे के पास बाइबिल भी मिली, जिससे अनाथ बच्चों का धर्मांतरण किए जाने की आशंका है।
भीतर सर्जिकल औजार भी पाए गए।
बाल गृह के वार्डन कक्ष में आपत्तिजनक सामान भी मिले।
बच्चों को स्थानीय चर्च में प्रार्थना के लिए भी ले जाया जाता था।
हिंदू युवा जनजाति संगठन ने दी चेतावनी, हनुमान चालीसा का पाठ शुरू
मामले की जानकारी लगते ही हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर यहां धरना दिया। वे सभी सदस्यों पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने आयोग के सदस्य ओंकार सिंह को ज्ञापन दिया। कहा कि आदिवासी सहायता समिति के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करें वरना जोबट नगर बंद करवा दिया जाएगा। वहीं बड़ी संख्या में हिंदू युवा जनजाति संघटन व अन्य कार्यकर्ता अनाथालय की बिल्डिंग के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। गिरफ्तारी की मांग कर रहे है।
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क्या है मामला
जोबट के नर्मदा नगर में आदिवासी सहायता समिति की ओर बाल गृह संचालित किया जा रहा है। इसकी कई शिकायतें आ चुकीं थी। इसके बाद राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह, सोनम निनामा ने स्थानीय बाल कल्याण समिति अध्यक्ष और अफसरों के साथ सोमवार को यहां जांच की। दल ने निरीक्षण में पाया कि संस्था का संचालन गैर कानूनी तरीके से किया जा रहा था। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 42 के तहत बाल गृह पंजीयन के दस्तावेज मांगने पर समिति अध्यक्ष कल्पना डेनियल उपलब्ध नहीं करा पाईं। दरअसल, यह संस्था बिना पंजीयन के ही 35 साल से संचालित हो रही थी। इसके बाद बाल आयोग ने जोबट पुलिस थाने पर नियमों का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज कराई। संस्था अध्यक्ष के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह टीम फिर पहुंची और बयान लिए गए। पालकों के अलावा यहां रहने वाले बच्चों को भी बयान के लिए बुलाया गया। बच्चों का मेडिकल कराकर उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं।
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धर्मांतरण की आशंका, मानव तस्करी पर भी जांच
बाल आयोग सदस्य ओंकार सिंह ने धर्मांतरण की आशंका भी जाहिर की है। बच्चों को कहां से लाया गया, यह भी पता लगाया जा रहा है। मामले में मानव तस्करी की भी आशंका है। महिला व बाल विकास विभाग के माध्यम से पुलिस को आवेदन देकर समिति अध्यक्ष के खिलाफ जेजे एक्ट के उल्लंघन की एफआईआर दर्ज कराई है।
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71 बच्चे मिले, 59 नाबालिग
यहां 71 बालक-बालिकाएं मिले, जिनमें 59 नाबालिग हैं। यहां 35 बालिकाएं मिलीं, जिनमें 30 नाबालिग हैं। अधिकांश बालिकाएं अनाथ हैं। एक अलग भवन में 36 बालक भी निवासरत है, जिनमें 29 नाबालिग हैं। साथ ही वृद्धाश्रम भी संचालित पाया गया, जिसमें 13 वृद्ध रह रहे हैं।
चौंकाने वाली जानकारियां मिली
हर बच्चे के पास बाइबिल भी मिली, जिससे अनाथ बच्चों का धर्मांतरण किए जाने की आशंका है।
भीतर सर्जिकल औजार भी पाए गए।
बाल गृह के वार्डन कक्ष में आपत्तिजनक सामान भी मिले।
बच्चों को स्थानीय चर्च में प्रार्थना के लिए भी ले जाया जाता था।
हिंदू युवा जनजाति संगठन ने दी चेतावनी, हनुमान चालीसा का पाठ शुरू
मामले की जानकारी लगते ही हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर यहां धरना दिया। वे सभी सदस्यों पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने आयोग के सदस्य ओंकार सिंह को ज्ञापन दिया। कहा कि आदिवासी सहायता समिति के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करें वरना जोबट नगर बंद करवा दिया जाएगा। वहीं बड़ी संख्या में हिंदू युवा जनजाति संघटन व अन्य कार्यकर्ता अनाथालय की बिल्डिंग के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। गिरफ्तारी की मांग कर रहे है।
