{"_id":"65b7b0126e91a518b30dfd39","slug":"college-students-of-india-gave-message-of-helping-the-needy-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: भारत के 30 कालेजों के छात्र एक मंच पर जुटे, जरूरतमंदों की मदद का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: भारत के 30 कालेजों के छात्र एक मंच पर जुटे, जरूरतमंदों की मदद का दिया संदेश
Mon, 29 Jan 2024 07:32 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 29 Jan 2024 07:32 PM IST
सार
भोपाल में हुए कार्यक्रम में इंदौर समेत देशभर के छात्रों ने दी प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ शैक्षणिक विषयों पर भी हुई सार्थक चर्चा।
विज्ञापन
सांस्कृतिक समारोह में लोक नृत्य
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन (एस-आईएलएफ) ने भोपाल के एक निजी कालेज में अपने 11वें यूथ फेस्टिवल का आयोजन किया। इस जीवंत कार्यक्रम में इंदौर समेत पूरे भारत के 30 कॉलेजों के 160 छात्रों ने भागीदारी की और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, उत्सव और जागरूकता के लिए एक मंच तैयार किया।
यूथ फेस्टिवल का अनूठा पहलू विविध पृष्ठभूमि से आए छात्रों की भागीदारी थी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों में से आधे लोग कुष्ठ रोग कॉलोनियों से थे। कुष्ठ रोग कॉलोनियों के इन युवाओं को एस-आईएलएफ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति के माध्यम से समर्थन देता है। कार्यक्रम में शामिल अन्य आधे युवा विभिन्न कॉलेजों से आए थे जहां एस-आईएलएफ कुष्ठ रोग पर संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करता है। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहीं और युवा प्रतिभाओं को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में शामिल प्रमुख प्रतिष्ठित हस्तियों - तरूण दास, पूर्व महानिदेशक, सीआईआई एवं एस-आईएलएफ के अध्यक्ष एस. महालिंगम, पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) एवं कार्यकारी निदेशक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और प्रवीण ठकराल ने विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए अगली पीढ़ी के लीडर्स को प्रेरणा प्रदान की।
26 से 29 जनवरी तक आयोजित इस चार दिवसीय सांस्कृतिक समारोह में लोक नृत्यों और थिएटर प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मार्मिक सामाजिक संदेश दिए गए। ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजीज ने विविधता और प्रतिभा प्रदर्शन के इस उत्सव के लिए सही पृष्ठभूमि प्रदान की। इस ग्रैंड फिनाले को लगभग 900 दर्शकों ने देखा, जिसमें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और यंग इंडियंस (वाईआई) के गणमान्य व्यक्तियों, कुष्ठ रोग कॉलोनियों के लोगों के साथ-साथ ओआईएसटी के फैकल्टी और छात्र भी शामिल थे। एकता, समझ और सांस्कृतिक प्रशंसा के माहौल को प्रोत्साहन देने में युवाओं का यह जश्न सफल रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूथ फेस्टिवल का अनूठा पहलू विविध पृष्ठभूमि से आए छात्रों की भागीदारी थी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों में से आधे लोग कुष्ठ रोग कॉलोनियों से थे। कुष्ठ रोग कॉलोनियों के इन युवाओं को एस-आईएलएफ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति के माध्यम से समर्थन देता है। कार्यक्रम में शामिल अन्य आधे युवा विभिन्न कॉलेजों से आए थे जहां एस-आईएलएफ कुष्ठ रोग पर संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करता है। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहीं और युवा प्रतिभाओं को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में शामिल प्रमुख प्रतिष्ठित हस्तियों - तरूण दास, पूर्व महानिदेशक, सीआईआई एवं एस-आईएलएफ के अध्यक्ष एस. महालिंगम, पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) एवं कार्यकारी निदेशक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और प्रवीण ठकराल ने विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए अगली पीढ़ी के लीडर्स को प्रेरणा प्रदान की।
विज्ञापन
26 से 29 जनवरी तक आयोजित इस चार दिवसीय सांस्कृतिक समारोह में लोक नृत्यों और थिएटर प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मार्मिक सामाजिक संदेश दिए गए। ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजीज ने विविधता और प्रतिभा प्रदर्शन के इस उत्सव के लिए सही पृष्ठभूमि प्रदान की। इस ग्रैंड फिनाले को लगभग 900 दर्शकों ने देखा, जिसमें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और यंग इंडियंस (वाईआई) के गणमान्य व्यक्तियों, कुष्ठ रोग कॉलोनियों के लोगों के साथ-साथ ओआईएसटी के फैकल्टी और छात्र भी शामिल थे। एकता, समझ और सांस्कृतिक प्रशंसा के माहौल को प्रोत्साहन देने में युवाओं का यह जश्न सफल रहा।
विज्ञापन
