फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Ashok rao abhyas mandal vyakhyanmala

निजीकरण के नाम पर शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राइवेट कंपनियों को सौंप रही सरकार

Thu, 18 May 2023 08:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 18 May 2023 08:30 PM IST
विज्ञापन
Ashok rao abhyas mandal vyakhyanmala
इंदौर - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां फायदा कमाने के लिए नहीं होती। अगर सरकार यह कहती है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां घाटे में हैं और उनके बदले निजी कंपनियों को लाना चाहिए तो इससे देश का ही नुकसान होगा। निजी कंपनियां उन सेवाओं को महंगे दामों में बेचेंगी जो जनता के लिए अति आवश्यक है। उदाहरण के लिए बिजली एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर निजीकरण यह दिखाता है कि आप जनता के ऊपर ही आर्थिक बोझ डालना चाहते हैं। बिजली एक अति आवश्यक सुविधा है जिसे जनता को न्यूनतम दरों पर देना चाहिए और निजी क्षेत्र की कंपनियां यह कभी भी नहीं कर सकती। यह बातें वामपंथी विचारक अशोक राव ने अभ्यास मंडल व्याख्यानमाला में कहीं। उन्होंने सार्वजनिक स्वामित्व वाली कंपनियों के निजीकरण के खतरे और प्रभाव विषय पर अपने विचार रखे। 

विज्ञापन

 

सरकारी अस्पताल और स्कूल बंद कर निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों को सौंप दिए गए

अशोक राव ने कहा कि आज देश के 90% लोग ₹25000 से कम सैलरी पर जीवन जी रहे हैं और इसी देश में दुनिया का तीसरा सबसे अमीर व्यापारी मौजूद है। यह दिखाता है कि देश में कितनी बड़ी आर्थिक असमानता है। अशोक राव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य अति आवश्यक सुविधा है जिसमें आज निजीकरण पूरी तरह से हावी है। सरकारी स्कूलों और सरकारी अस्पतालों की हालत किसी से भी छुपी नहीं है। देश की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन

 

जनता बड़े आर्थिक बोझ झेल रही

अभ्यास मंडल के सदस्यों के सवालों के जवाब देते हुए अशोक राव ने कहा की पोस्ट ऑफिस, एयरपोर्ट, बीएसएनएल जैसी कंपनियां बर्बाद होने का अर्थ है की जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं खत्म होती जा रही हैं। पहले 50 पैसे में जो पोस्ट मुंबई से दिल्ली चली जाती थी वह आज ₹20 के कोरियर से भेजना पड़ती है। यह दिखाता है कि निजीकरण से जनता को कितने नुकसान हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed