{"_id":"672711843c4270ee3d0b090c","slug":"aqi-weather-indore-news-mausam-imd-update-today-air-pollution-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore Aqi Weather: सुबह से ही वायु प्रदूषण 300 पार, मौसम बदलना भी शुरू हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore Aqi Weather: सुबह से ही वायु प्रदूषण 300 पार, मौसम बदलना भी शुरू हुआ
Sun, 03 Nov 2024 01:46 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 03 Nov 2024 01:46 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में भी तापमान गिर रहा है लेकिन दिन में तेज धूप है और शाम के बाद ठंडक लगती है। वहीं वायु प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
इंदौर का राजबाड़ा महल।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Air Pollution in Indore: नवंबर की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। खासकर राज्य के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में ठंड का प्रकोप सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। यहां पिछले दो दिनों से न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है, जिससे पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बन गया है। इसके अलावा मंडला, राजगढ़, उमरिया, रीवा, बैतूल और मलाजखंड जैसे शहरों में भी रात के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इन शहरों में रात का तापमान 16 से 17 डिग्री के आसपास है, जबकि दिन में भी तापमान में हल्की गिरावट देखी जा रही है। इंदौर में भी तापमान गिर रहा है लेकिन दिन में तेज धूप है और शाम के बाद ठंडक लगती है। वहीं वायु प्रदूषण कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। आज सुबह से एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार चला गया है। सुबह 10 बजे ही यह 356 पर रिकार्ड किया गया है।
15 नवंबर के बाद तेज होगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, 15 नवंबर के बाद ठंड का असर और तेज हो जाएगा, और तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। पिछले 10 सालों का रुझान भी यही बताता है कि इस समय से ठंड बढ़ने लगती है, जबकि दिन में गर्मी का असर नवंबर के दूसरे सप्ताह तक बना रहता है। दूसरे सप्ताह के बाद दिन का तापमान धीरे-धीरे गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने लगता है, जिससे प्रदेश में ठंड का अनुभव और अधिक होने लगता है। उत्तरी हवाओं का रुख तेज होने से तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा, और सर्दी का प्रभाव बढ़ेगा।
रात का तापमान गिर रहा
प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर जैसे 24 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। शुक्रवार-शनिवार की रात पचमढ़ी का तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस, मंडला का 15.6 डिग्री, राजगढ़ और उमरिया का 16.4 डिग्री, रीवा का 16.6 डिग्री, और बैतूल-मलाजखंड का 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ ही ग्वालियर में 17.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.5 डिग्री, रायसेन में 17.6 डिग्री, और भोपाल व जबलपुर में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी तरह नौगांव में 17.9 डिग्री, सतना-टीकमगढ़ में 18 डिग्री, इंदौर-खरगोन में 18.4 डिग्री, उज्जैन में 18.8 डिग्री, खंडवा में 19 डिग्री, रतलाम में 19.2 डिग्री, धार, गुना-सिवनी में 19.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 19.9 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
मौसम के बदलाव का समय
नवंबर में प्रदेश के मौसम में खास बदलाव देखा जाता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदा होने के बाद प्रदेश में मौसम शांत रहता है, लेकिन आसमान में हल्के बादल छाए रहते हैं। हालांकि अक्टूबर की तरह इस समय उमस महसूस नहीं होती है, और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाता है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे संभागों में हल्की बारिश की संभावना रहती है। इस बारिश के कारण दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है।
मध्य प्रदेश में नवंबर का यह महीना ठंड के आगमन का संकेत है, और जैसे-जैसे महीने का मध्य आता है, ठंड का असर और बढ़ता जाता है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ठंड का असर महसूस किया जा रहा है, और नवंबर के अंत तक प्रदेश में ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है।
विज्ञापन
15 नवंबर के बाद तेज होगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, 15 नवंबर के बाद ठंड का असर और तेज हो जाएगा, और तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। पिछले 10 सालों का रुझान भी यही बताता है कि इस समय से ठंड बढ़ने लगती है, जबकि दिन में गर्मी का असर नवंबर के दूसरे सप्ताह तक बना रहता है। दूसरे सप्ताह के बाद दिन का तापमान धीरे-धीरे गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने लगता है, जिससे प्रदेश में ठंड का अनुभव और अधिक होने लगता है। उत्तरी हवाओं का रुख तेज होने से तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा, और सर्दी का प्रभाव बढ़ेगा।
विज्ञापन
रात का तापमान गिर रहा
प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर जैसे 24 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। शुक्रवार-शनिवार की रात पचमढ़ी का तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस, मंडला का 15.6 डिग्री, राजगढ़ और उमरिया का 16.4 डिग्री, रीवा का 16.6 डिग्री, और बैतूल-मलाजखंड का 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके साथ ही ग्वालियर में 17.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.5 डिग्री, रायसेन में 17.6 डिग्री, और भोपाल व जबलपुर में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी तरह नौगांव में 17.9 डिग्री, सतना-टीकमगढ़ में 18 डिग्री, इंदौर-खरगोन में 18.4 डिग्री, उज्जैन में 18.8 डिग्री, खंडवा में 19 डिग्री, रतलाम में 19.2 डिग्री, धार, गुना-सिवनी में 19.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 19.9 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
मौसम के बदलाव का समय
नवंबर में प्रदेश के मौसम में खास बदलाव देखा जाता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदा होने के बाद प्रदेश में मौसम शांत रहता है, लेकिन आसमान में हल्के बादल छाए रहते हैं। हालांकि अक्टूबर की तरह इस समय उमस महसूस नहीं होती है, और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाता है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे संभागों में हल्की बारिश की संभावना रहती है। इस बारिश के कारण दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है।
मध्य प्रदेश में नवंबर का यह महीना ठंड के आगमन का संकेत है, और जैसे-जैसे महीने का मध्य आता है, ठंड का असर और बढ़ता जाता है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ठंड का असर महसूस किया जा रहा है, और नवंबर के अंत तक प्रदेश में ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है।
