MP Election 2023: आदिवासी वोटबैंक के अलावा जैन समाज को भी साधा प्रियंका ने मोहनखेड़ा आकर
मोहनखेड़ा जैन समाज के प्रसिद्ध तीर्थ के अलावा मालवा निमाड की राजनीति का केंद्र बिन्दू भी है। इंदौर धार, खरगोन, झाबुआ जिले इससे जुड़े है और इन जिलों में पिछले चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा।
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने मध्य प्रदेश में चुनावी अभियान की शुरुआत के लिए जैन तीर्थ मोहनखेड़ा को आम सभा के चुनकर दो समाजों को साधने की कोशिश की।पहले वे जैन समाज के ट्रस्टियों से मिली। जैन मंदिर में दर्शन किए फिर राजगढ में आदिवासी समाज के आराध्य टंट्यामामा की प्रतिमा का अनावरण किया।
मोहनखेड़ा जैन समाज के प्रसिद्ध तीर्थ के अलावा मालवा निमाड की राजनीति का केंद्र बिन्दू भी है। इंदौर धार, खरगोन, झाबुआ जिले इससे जुड़े है और इन जिलों में पिछले चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। कांग्रेस इस प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहती है, इसलिए प्रियंका की सभा यहाँ रखी गई और उन्होंंने आदिवासी वर्ग को साधने की पूरी कोशिश की।
धार,खरगोन और झाबुआ जिले में सबसे ज्यादा आदिवासी वोटबैंक है। कांग्रेस इस वोटबैंक पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है। उधर इस बार भाजपा ने भी आदिवासी समाज मे अपनी पैठ बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी। चुनाव में भाजपा अपने दो बड़े नेताओं की सभा यहाँ कराने की तैयारी कर रही है।मालवा निमाड़ के पांच टिकिट भाजपा एक माह पहले घोषित कर चुकी है। इनमें तीन आदिवासी सीटों के टिकट है।
गांधी परिवार के चार सदस्य आ चुके है मोहनखेड़ा
जैन समाज गोम्मटगिरी में कब्जे को लेकर नाराज है और 50 सीटों पर जैन समाज के उम्मीदवार खड़े करने को घोषणा कर चुकी है।प्रियंका ने जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में जाकर जैन समाज को भी साधने की कोशिश की। वे गांधी परिवार की चौथी सदस्य है, जो मोहनखेड़ा आई है। उनसे पहले इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी यहां आ चुके है। राहुल ने पिछले चुनाव में यहां सभा की थी और कांग्रेस के शिविर में भी वे शामिल हो चुके थे।
