फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Anganwadi Workers Cyber Fraud mahila bal vikas poshan tracker app

Indore News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और गर्भवती महिलाओं का डाटा लीक, सायबर अपराधी बना रहे शिकार

Mon, 17 Mar 2025 09:11 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 17 Mar 2025 09:11 PM IST
सार

Indore News: सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर जरूरतमंद महिलाओं से हो रही ठगी, सायबर अपराधी योजनाओं की राशि खाते में डालने के लिए मांगते हैं ओटीपी, खाता हो जाता है खाली।

विज्ञापन
Anganwadi Workers Cyber Fraud mahila bal vikas poshan tracker app
INDORE NEWS - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

केंद्र सरकार के द्वारा बनवाए गए पोषण ट्रैकर एप का डाटा लीक हो गया है। इंदौर सायबर सेल में इसके लिए शिकायत भी दी गई है। शिकायत में बताया गया है कि महिला एवं बाल विकास से जुड़े अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के नाम से सायबर अपराधी फोन कर रहे हैं और गर्भवती महिलाओं और अन्य जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठग रहे हैं। 
विज्ञापन


कैसे खुला मामला
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी गोयल ने बताया कि कुछ हितग्राही महिलाओं के फोन आए कि उन्हें किसी ने मेरे नाम से फोन किया है। फोन करने वाले ने कहा कि राजकुमारी गोयल ने आपका नंबर दिया है और आपको पीएमवाय योजना की सहायता राशि मिलने वाली है। इसके लिए आपके फोन में एक ओटीपी आएगा जो आप हमें बता देना। इस तरह की शिकायत कई महिलाओं से मिली और कुछ इस धोखेबाजी का शिकार भी हो गईं। जब यह जानकारी हमें मिली तो पहले हमने इंदौर के सायबर सेल में शिकायत की और फिर वहां से पुलिस के कहने पर थाना बाणगंगा में भी शिकायत की। 
विज्ञापन


नहीं रुक रहे फोन आना
राजकुमारी गोयल ने कहा कि एक सप्ताह पहले शिकायत की थी लेकिन अभी भी सायबर अपराधियों के फोन आ रहे हैं। जिस नंबर से हितग्राही महिला को शिकार बनाया गया उससे भी अन्य महिलाओं को फोन आ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी योजनाओं की राशि की उम्मीद में ओटीपी बता देती हैं महिलाएं
राजकुमारी गोयल ने बताया कि सायबर अपराधियों के पास पूरा सटीक डाटा होता है। उन्हें पता होता है कि किस महिला के खाते में सरकारी योजनाओं की राशि आने वाली है। वह उसी महिला को फोन करते हैं। सहायता राशि की उम्मीद में और संबंधित महिला बाल विकास के अधिकारियों के परिचय के चलते महिला सायबर अपराधियों को ओटीपी बता देती है। 

एप में सारी जानकारियां
राजकुमारी गोयल ने कहा कि पोषण ट्रैकर एप में गर्भवती महिलाओं और महिला बाल विकास के अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी जानकारी रहती है। यदि इसी तरह से डाटा लीक होता रहा तो कई जरूरतमंद महिलाएं सायबर अपराधियों का शिकार बन जाएंगी।


महिलाओं को ठगने की जानकारी मिली है
पोषण ट्रैकर एप की जिला प्रभारी रेखा पांडे ने बताया कि यह जानकारी मिली है की कई गर्भवती महिलाओं को पीएमवाय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ठगा गया है। गर्भवती महिलाओं का डाटा सायबर अपराधियों को कहां से मिलता है यह जानकारी तो हमें नहीं है। पोषण ट्रैकर में आंगबाड़ी कार्यकर्ता का आईडी पासवार्ड रहता है। यह एप पूरी तरह से सुरक्षित है। सायबर अपराधी अपराधी महिलाओं से कहते हैं कि आप ओटीपी और बैंक खाते की जानकारी दे दीजिए हम विभाग से बात कर रहे हैं। महिलाएं अज्ञानतावश जानकारी दे देती हैं और उनके साथ में फ्राड हो जाता है। इसके लिए हम सभी को जागरूक रहना होगा। हम भी इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं ताकि कोई जरूरतमंद ठगी का शिकार न बने। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed