फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News: In the case of drugs worth more than 100 crores, girls had brought drugs through Zimbabwe, carbon coating done on the packet

Indore News: सौ करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स के मामले में खुलासा, जिम्बाब्वे के रास्ते ड्रग्स लेकर आई थीं लड़कियां

Sat, 28 May 2022 06:24 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sat, 28 May 2022 06:24 PM IST
सार

सौ करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार मिजोरम की लड़कियों ने कई खुलासे किए हैं। नारकोटिक्स को बताया कि ड्रग्स जिम्बाब्वे के रास्ते लेकर आईं थीं। इस पर खास किस्म की कार्बन कोटिंग की गई थी जिससे एयरपोर्ट पर पकड़ में न आ सके। 

विज्ञापन
Indore News: In the case of drugs worth more than 100 crores, girls had brought drugs through Zimbabwe, carbon coating done on the packet
पैकेट्स में इस तरह की गई थी कार्बन कोटिंग - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सौ करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ पकड़ाई गईं मिजोरम की लड़कियों को इंदौर नारकोटिक्स की टीम गिरफ्तार करके लाई है। पूछताछ में लड़कियों ने खुलासा किया है कि वे जिम्बाब्वे के रास्ते ड्रग्स लेकर आईं थी। लड़कियों को इसके लिए खास किस्म की ट्रेनिंग दी गई थी। इतना ही नहीं जिम्बाब्वे के जिस ड्रग माफिया ने ड्रग्स के पैकेट सौंपे थे उन पर कार्बन की कोटिंग की गई थी ताकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्कैनिंग के दौरान पकड़े न जा सकें।
विज्ञापन


बता दें कि मप्र के इटारसी से 100 करोड़ रुपए की ड्रग्स के साथ मिजोरम की लड़कियां पकड़ाईं थीं। लड़कियों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। लड़कियों ने तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके ऑपरेशन को लेकर कई जानकारियां दी हैं। लड़कियों ने बताया कि कोरियर गर्ल के तौर पर इस्तेमाल करने से पहले उन्हें न केवल ट्रेनिंग दी गई थी, बल्कि करोड़ों रुपये की ड्रग्स सौंपने के पहले इन्हें 15 दिन के लिए विदेश की सैर भी कराई गई थी। पकड़ी गई सभी लड़कियां केवल आठवीं पास हैं और गरीब परिवारों से आती हैं। 
विज्ञापन


नारकोटिक्स ब्यूरो के अनुसार 15 दिन पहले मिजोरम में रहने वाली तीनों लड़कियों लालम जोनी, लाल वेंनहिनी और रामसंग दुई बेंगलुरु से जिम्बाब्वे पहुंची थीं। गिरोह के एजेंट ने उनके लिए एक होटल में कमरे बुक कराए थे। 15 दिन घूमने के बाद जब लड़कियां वापस भारत लौट रही थीं, तब उन्हें तीन सूटकेस दिए गए। तीनों सूटकेस में 7-7 किलो ड्रग्स रखी हुई थी। तीनों फ्लाइट से दुबई होते हुए बेंगलुरु पहुंचीं। यहां से तीनों को दिल्ली जाना था। राजधानी एक्सप्रेस से बेंगलुरु से दिल्ली के लिए निकली लेकिन रास्ते में भोपाल में हो रही चैकिंग की सूचना मिलने पर वो इटारसी उतर गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इटारसी रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में छापा मारकर तीनों लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके 3 सूटकेस से करीब 21 किलो एमडी और हेरोइन जब्त की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 168 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ऐसे काम करता है तस्करी का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान पता चला कि ड्रग्स माफिया मिजोरम और आसाम के अलावा बांग्लादेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की तलाश करते हैं। फिर परिवार की लड़कियों को रोजगार देने के बहाने बुलाया जाता है। इसके एवज में परिवार को हर महीने पांच से दस हजार रुपये दिए जाते हैं। लड़कियों का पासपोर्ट बनवाकर उन्हें दो से तीन बार उन देशों में भेजा जाता है, जहां से ड्रग्स लाना होती हैं ताकि वे वहां के माहौल से अनुकूल हो सकें। इससे उन्हें विदेश में जाकर किससे मिलना है। वहां कौन-कौन गिरोह के एजेंट हैं इसके बारे में बताया जाता है। इसके बाद ड्रग्स की खेप लाने के लिए लड़कियों का कोरियर की तरह इस्तेमाल किया जाता है।  

पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें एक खेप लाने के बदले 2 लाख रुपये मिलते हैं। किसी भी ट्रिप पर जाने से पहले उन्हें कुछ रुपये भी दिए जाते थे। यह रुपये इस बात की गारंटी होते थे कि यदि कोई भी युवती इस मामले में पकड़ी जाती है तो परिवार किसी भी तरह से गिरोह के अन्य व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को न दे। ड्रग्स तस्करी में जितनी भी लड़कियों को लाया जाता है, वो कम पढ़ी-लिखी और गरीब परिवार की होती हैं। ड्रग्स पैडलर पहले ऐसी युवतियों की पूरी जानकारी निकालने के बाद उन्हें रोजगार देने के नाम पर अपने गिरोह में शामिल करते हैं।

अलर्ट मिलने के बाद इटारसी मे उतर गईं
लड़कियों के अनुसार जिम्बाब्वे के जिस ड्रग माफिया ने हेरोइन के पैकेट सौंपे उन पर कार्बन की कोटिंग की गई थी ताकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्कैनिंग के दौरान पकड़े न जा सकें। ड्रग के पैकेट लगैज बैग में बने गुप्त खानों में रखे गए थे। कुल सात लड़कियां थीं जिनमें से दो मुंबई निकल गईं। दो को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर जांच एजेंसी ने पकड़ लिया। इन दोनों से ही शेष पांच की जानकारी मिली और दो को मुंबई और तीन को इटारसी की एक होटल से गिरफ्तार किया गया।

बताया गया कि मुंबई में हुई गिरफ्तारी के बाद तीनों युवतियों को खबर मिल चुकी थी कि जांच एजेंसी उनका पीछा कर रही है। ड्रग माफिया ने ही वाट्सएप कॉल  कर उन्हें अलर्ट किया था। युवतियां राजधानी एक्सप्रेस में बैठी थीं इसलिए रास्ते में उतरना संभव नहीं था लेकिन जैसे ही इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकी तीनों उतरकर एक होटल में ठहर गईं। एनसीबी की टीम भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी। रिजर्वेशन चार्ट के आधार पर एनसीबी कोच में पहुंची तो पता चला युवतियां तो रास्ते में ही उतर गईं। टीम ने यात्रियों से जानकारी ली और दोपहिया वाहनों से तुरंत इटारसी पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed