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कार्रवाई: बिना अनुमति के निर्माण को इंदौर नगर निगम ने किया जमींदोज
Tue, 12 Oct 2021 06:17 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 12 Oct 2021 06:17 PM IST
सार
इंदौर नगर निगम ने 16 हजार वर्ग फीट जगह खाली करवाई। जेसीबी और पोकलेन की मदद से गिराया निर्माण।
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अवैध निर्माण ढहाया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अवैध निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन और नगर निगम की मुहिम लगातार चल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम ने मयंक ब्लू वाटर पार्क के पास कार्रवाई की। यहां करीब 16000 वर्ग फीट का क्षेत्र खाली करवाया। बिना अनुमति के यह निर्माण किया गया था।
मंगलवार सुबह जेसीबी और पोकलेन लेकर निगम के करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल भी साथ रहा। टीन की चद्दरों से बने शेड को धराशायी किया। नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल के अनुसार राधेश्याम और सुधांशु ने निर्माण किया था जिसको गिराया गया है। कुछ दिन पहले ही ये निर्माण किया गया था। नगर निगम से इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। करीब एक हफ्ते पहले नोटिस भी दिया लेकिन संबंधितों की ओर से जवाब नहीं आया। इस पर मंगलवार को कार्रवाई की।
टैक्स बकाया होने की बात आई सामने
नगर निगम ने बिना अनुमति के जो निर्माण तोड़े हैं उसमें यह बात भी सामने आ रही है कि उक्त जमीन मालिकों पर लाखों रुपए का टैक्स भी बकाया है। टैक्स चोरी के मामले में निगम ने पूर्व में जवाब भी मांगा था लेकिन नहीं मिला। इस कार्रवाई के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि निगम ऐसे भवनों की जानकारी निकालकर सूची तैयार कर रहा है जो बिना अनुमति के बनी है व जिन पर टैक्स भी बकाया है।
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मंगलवार सुबह जेसीबी और पोकलेन लेकर निगम के करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल भी साथ रहा। टीन की चद्दरों से बने शेड को धराशायी किया। नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल के अनुसार राधेश्याम और सुधांशु ने निर्माण किया था जिसको गिराया गया है। कुछ दिन पहले ही ये निर्माण किया गया था। नगर निगम से इसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी। करीब एक हफ्ते पहले नोटिस भी दिया लेकिन संबंधितों की ओर से जवाब नहीं आया। इस पर मंगलवार को कार्रवाई की।
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टैक्स बकाया होने की बात आई सामने
नगर निगम ने बिना अनुमति के जो निर्माण तोड़े हैं उसमें यह बात भी सामने आ रही है कि उक्त जमीन मालिकों पर लाखों रुपए का टैक्स भी बकाया है। टैक्स चोरी के मामले में निगम ने पूर्व में जवाब भी मांगा था लेकिन नहीं मिला। इस कार्रवाई के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि निगम ऐसे भवनों की जानकारी निकालकर सूची तैयार कर रहा है जो बिना अनुमति के बनी है व जिन पर टैक्स भी बकाया है।
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