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इंदौर: लगातार दूसरे दिन मिले दो हजार से ज्यादा मरीज, दिसंबर से अब तक हुई सात की मौत
Wed, 19 Jan 2022 12:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 19 Jan 2022 12:51 PM IST
सार
कोरोना संक्रमण की दर में इजाफा हो रहा है। अब तक संक्रमित मरीजों के आंकड़े दो हजार के अंदर थे लेकिन पिछले दो दिनों से दो हजार से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटों में इंदौर में 2047 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। एक की मौत भी हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की दर में इजाफा हो रहा है। अब तक संक्रमित मरीजों के आंकड़े दो हजार के अंदर थे लेकिन पिछले दो दिनों से दो हजार से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटों में इंदौर में 2047 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। एक की मौत भी हुई है। कोरोना से अब तक 1400 मौत हो चुकी हैं।
दरअसल इंदौर में जनवरी माह की शुरुआत से ही संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ने लगा है। शुरुआत कम मरीजों से हुई थी लेकिन माह के मध्य आते-आते मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। पिछले दो दिनों से दो हजार से अधिक यात्री पॉजिटिव निकल रहे हैं। सोमवार के बुलेटिन में 2106 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे तो मंगलवार रात को जारी बुलेटिन में 2047 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इस लिहाज से संक्रमण दर 18 प्रतिशत के पार हो चुकी है। कोरोना की तीसरी लहर में अब तक सात मरीजों की मौत हुई है। मंगलवार रात को भी एक मौत हुई। अब तक जितनी मौते हुई हैं उनकी उम्र ज्यादा थी और उनकी दूसरी बीमारियां भी थीं। इनमें से तीन लोगों की मौत पिछले साल दिसंबर में हुई थी जबकि चार मरीजों की मौत जनवरी माह में हुई है।
फरवरी में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका
कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के चलते शहर में हालात चिंताजनक हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भले कह रहा हो कि जो नए मरीज मिल रहे हैं उनमें गंभीर लक्षण नहीं है और होम आइसोलेशन में ही अधिकांश मरीज ठीक हो रहे हैं लेकिन डेल्टा और ओमिक्रॉन के मिक्स वैरिएंट की आशंका डर बढ़ा रही है। फरवरी माह में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका कलेक्टर मनीष सिंह जता चुके हैं और इसके चलते अस्पतालों में सुविधा-संसाधनों के इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल तो दो प्रतिशत मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन यदि फरवरी माह में कोरोना पीक पर आता है तो प्रतिदिन सात हजार तक मरीज निकल सकते हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी।
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दूसरी लहर जैसी भयावहता नहीं
दूसरी लहर की तुलना में अभी तक तीसरी लहर ज्यादा घातक नहीं लग रही है। पिछले साल अप्रैल-मई माह में कोरोना की दूसरी लहर ने जो भय पैदा किया और ऑक्सीजन की किल्लत हुई थी वैसा अब तक देखने को नहीं मिला है लेकिन जिन लोगों ने दूसरी लहर की भयावहता देखी है वे हल्के लक्षणों से भी भयभीत हैं। प्रशासन भी इसीलिए लोगों को आगाह कर रहा है कि अभी से सतर्कता रखें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें क्योंकि इस वायरस के वैरिएंट में कब बदलाव हो जाए और कब घातक स्थिति बन जाए यह कोई नहीं जानता।
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दरअसल इंदौर में जनवरी माह की शुरुआत से ही संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ने लगा है। शुरुआत कम मरीजों से हुई थी लेकिन माह के मध्य आते-आते मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। पिछले दो दिनों से दो हजार से अधिक यात्री पॉजिटिव निकल रहे हैं। सोमवार के बुलेटिन में 2106 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे तो मंगलवार रात को जारी बुलेटिन में 2047 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इस लिहाज से संक्रमण दर 18 प्रतिशत के पार हो चुकी है। कोरोना की तीसरी लहर में अब तक सात मरीजों की मौत हुई है। मंगलवार रात को भी एक मौत हुई। अब तक जितनी मौते हुई हैं उनकी उम्र ज्यादा थी और उनकी दूसरी बीमारियां भी थीं। इनमें से तीन लोगों की मौत पिछले साल दिसंबर में हुई थी जबकि चार मरीजों की मौत जनवरी माह में हुई है।
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फरवरी में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका
कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के चलते शहर में हालात चिंताजनक हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भले कह रहा हो कि जो नए मरीज मिल रहे हैं उनमें गंभीर लक्षण नहीं है और होम आइसोलेशन में ही अधिकांश मरीज ठीक हो रहे हैं लेकिन डेल्टा और ओमिक्रॉन के मिक्स वैरिएंट की आशंका डर बढ़ा रही है। फरवरी माह में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका कलेक्टर मनीष सिंह जता चुके हैं और इसके चलते अस्पतालों में सुविधा-संसाधनों के इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल तो दो प्रतिशत मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन यदि फरवरी माह में कोरोना पीक पर आता है तो प्रतिदिन सात हजार तक मरीज निकल सकते हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी।
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दूसरी लहर जैसी भयावहता नहीं
दूसरी लहर की तुलना में अभी तक तीसरी लहर ज्यादा घातक नहीं लग रही है। पिछले साल अप्रैल-मई माह में कोरोना की दूसरी लहर ने जो भय पैदा किया और ऑक्सीजन की किल्लत हुई थी वैसा अब तक देखने को नहीं मिला है लेकिन जिन लोगों ने दूसरी लहर की भयावहता देखी है वे हल्के लक्षणों से भी भयभीत हैं। प्रशासन भी इसीलिए लोगों को आगाह कर रहा है कि अभी से सतर्कता रखें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें क्योंकि इस वायरस के वैरिएंट में कब बदलाव हो जाए और कब घातक स्थिति बन जाए यह कोई नहीं जानता।
