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इंदौर: नहीं मिला तेंदुआ, चिड़ियाघर में ही होने की उम्मीद, पंजे के निशान के आधार पर तलाश रही टीम
Fri, 03 Dec 2021 11:36 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:36 PM IST
सार
इंदौर में चिड़ियाघर से भागे तेंदुए का पता अब तक नहीं चल सका है। वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन लगातार तलाश में जुटा हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि तेंदुआ चिड़ियाघर में ही हो सकता है क्योंकि उसके पगमार्क नजर आए हैं।
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तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम जाल लेकर कर रही है तलाश
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर में पिंजरे से भागे तेंदुए का पता अब तक नहीं चल सका है। वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन लगातार तलाश में जुटा हुआ है। इसी बीच खबर आ रही है कि तेंदुआ चिड़ियाघर में ही हो सकता है क्योंकि उसके पंजे के निशान नजर आए हैं। इन निशान के आधार पर माना जा रहा है कि तेंदुआ चिड़ियाघर में ही है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
दरअसल बुधवार रात को तेंदुआ पिंजरा तोड़कर भाग गया था। शुरुआत में तो अधिकारी नानुकुर करते रहे लेकिन बाद में माना कि घटना हुई है। बुरहानपुर के डीएफओ ने भी कहा था कि हमारी टीम रात में घायल तेंदुए को इंदौर छोड़ने गई थी। रात होने से उन्होंने लिखा-पढ़ी कर तेंदुआ लेने से मना कर दिया था। ऐसे में टीम रात में चिड़ियाघर के अंदर ही तीन कैमरों की निगरानी में पिंजरा गाड़ी खड़ी करके सो गई थी। सुबह तेंदुआ नहीं मिला और पिंजरे की जाली टूटी थी। कैमरे चेक करवाए, तो वह तीनों खराब निकले।
तेंदुआ भागने की खबर से हड़कंप मच गया। किसी को नहीं पता था कि तेंदुआ कहां गया है। शहर में भी दहशत का माहौल बना कि कहीं तेंदुआ शहर में तो नहीं घुस गया है। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। शुक्रवार को यह बात सामने आई कि तेंदुआ चिड़ियाघर में ही हो सकता है। एक कर्मचारी ने उसके गुर्राने की आवाज भी सुनी और उसके पंजे के निशान भी मिले। इसके बाद वन विभाग की टीम और चिड़ियाघर प्रशासन ने राहत की सांस ली और तेंदुए की तलाश शुरू की।
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क्या तेंदुए के ही हैं पगमार्क ?
हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि जो पंजे के निशान मिले हैं वे तेंदुए के ही हैं या किसी अन्य जीव के। कर्मचारी ने गुर्राने की जो आवाज सुनी है वह किसी और जीव की भी हो सकती है। ऐसे में संशय अब भी बना हुआ है। इधर, शुक्रवार रात तक खोजबीन चलती रही। हेलोजन लगाए गए और जाल भी तैयार रखा गया है। चिड़ियाघर में आमजन का प्रवेश बंद कर दिया है। खंडवा, बुरहानपुर और चिड़ियाघर की टीमें उसे पकड़ने की कोशिश कर रही हैं। तेंदुए को ढूंढने के लिए दो से तीन लोगों की टीमें बनाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ छोटा है। हमला करने जैसी स्थिति में नहीं है, लेकिन घायल होने के चलते किसी को अकेला देखकर वह हिंसक हो सकता है।
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दरअसल बुधवार रात को तेंदुआ पिंजरा तोड़कर भाग गया था। शुरुआत में तो अधिकारी नानुकुर करते रहे लेकिन बाद में माना कि घटना हुई है। बुरहानपुर के डीएफओ ने भी कहा था कि हमारी टीम रात में घायल तेंदुए को इंदौर छोड़ने गई थी। रात होने से उन्होंने लिखा-पढ़ी कर तेंदुआ लेने से मना कर दिया था। ऐसे में टीम रात में चिड़ियाघर के अंदर ही तीन कैमरों की निगरानी में पिंजरा गाड़ी खड़ी करके सो गई थी। सुबह तेंदुआ नहीं मिला और पिंजरे की जाली टूटी थी। कैमरे चेक करवाए, तो वह तीनों खराब निकले।
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तेंदुआ भागने की खबर से हड़कंप मच गया। किसी को नहीं पता था कि तेंदुआ कहां गया है। शहर में भी दहशत का माहौल बना कि कहीं तेंदुआ शहर में तो नहीं घुस गया है। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। शुक्रवार को यह बात सामने आई कि तेंदुआ चिड़ियाघर में ही हो सकता है। एक कर्मचारी ने उसके गुर्राने की आवाज भी सुनी और उसके पंजे के निशान भी मिले। इसके बाद वन विभाग की टीम और चिड़ियाघर प्रशासन ने राहत की सांस ली और तेंदुए की तलाश शुरू की।
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क्या तेंदुए के ही हैं पगमार्क ?
हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि जो पंजे के निशान मिले हैं वे तेंदुए के ही हैं या किसी अन्य जीव के। कर्मचारी ने गुर्राने की जो आवाज सुनी है वह किसी और जीव की भी हो सकती है। ऐसे में संशय अब भी बना हुआ है। इधर, शुक्रवार रात तक खोजबीन चलती रही। हेलोजन लगाए गए और जाल भी तैयार रखा गया है। चिड़ियाघर में आमजन का प्रवेश बंद कर दिया है। खंडवा, बुरहानपुर और चिड़ियाघर की टीमें उसे पकड़ने की कोशिश कर रही हैं। तेंदुए को ढूंढने के लिए दो से तीन लोगों की टीमें बनाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ छोटा है। हमला करने जैसी स्थिति में नहीं है, लेकिन घायल होने के चलते किसी को अकेला देखकर वह हिंसक हो सकता है।
