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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: International collective ritual offering of water for the victims of the Bhagirathpura water tragedy

इंदौर: भागीरथपुरा जल त्रासदी के मृतकों के लिए अंतरराष्ट्रीय सामूहिक तर्पण, कई देशों से जुड़े श्रद्धालु

Sat, 10 Oct 2026 12:02 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 10 Oct 2026 12:02 PM IST
सार

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल त्रासदी के मृतकों की स्मृति में सर्वपितृ अमावस्या पर अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सामूहिक तर्पण हुआ। कृष्णा गुरुजी की पहल पर कई देशों के लोग जुड़े। आचार्यों ने प्रार्थना कराई और चार शहरों में जरूरतमंदों को भोजन कराया।

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Indore: International collective ritual offering of water for the victims of the Bhagirathpura water tragedy
अमेरिका से यूरोप तक जुड़े श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सामूहिक तर्पण का आयोजन किया गया। मानवतावादी एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक कृष्णकांत मिश्रा ‘कृष्णा गुरुजी’ की पहल पर हुए इस कार्यक्रम में दिवंगतों की आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवारों को संबल देने के लिए प्रार्थना की गई।

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आयोजन में उज्जैन के सिद्धवट से लालू गुरु, हरिद्वार से पंडित राजीव शर्मा और ऋषिकेश से पंडित दिनेश जी ऑनलाइन जुड़े। तीनों आचार्यों ने अपने-अपने तीर्थस्थलों से तर्पण और प्रार्थना संपन्न कराई। पुष्कर से योगेश पराशर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं को गंगा, शिप्रा और सिद्धवट के ऑनलाइन दर्शन कराए गए।

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आयोजकों के अनुसार, अमेरिका, कनाडा, दुबई, सिंगापुर और यूरोप के विभिन्न स्थानों से लोगों ने इस निःशुल्क सत्र में भाग लिया। सहभागियों ने अपने पूर्वजों के साथ भागीरथपुरा के दिवंगतों और अन्य हादसों में असमय जान गंवाने वाले लोगों का भी सामूहिक स्मरण किया।

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पढे़ं:  पितृ मोक्ष अमावस्या पर ओंकारेश्वर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

कृष्णा गुरुजी ने कहा कि किसी परिवार का दुख केवल उसी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज को संवेदनशीलता के साथ उसके साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने उन दिवंगतों के लिए भी प्रार्थना करने का आग्रह किया, जिनका तर्पण या स्मरण करने वाला कोई नहीं है।

उन्होंने पूर्वजों की स्मृति में जरूरतमंदों, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को भोजन कराने का संदेश दिया। साथ ही युवाओं को परंपराओं का अर्थ सरल भाषा में समझाने और श्रद्धा को सेवा भाव से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का समापन ‘पितृ देवेभ्यो नमः’ और शांति पाठ के साथ हुआ। कृष्णा गुरुजी ने सहयोगी आचार्यों सहित अमेरिका से जयलक्ष्मी जी, सिएटल से धीरज जी, दुबई से कंचन गेहानी जी, जर्मनी से सबरीना जी, फिनलैंड से जीवन मुक्ति जी और देश-विदेश से जुड़े अन्य श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से मुंबई, उज्जैन के सिद्धवट, ऋषिकेश और इंदौर के वृद्धाश्रमों में जरूरतमंदों एवं दिव्यांगजनों को भोजन भी कराया गया।

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