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इंदौर: बिजली ग्रिड में लगी आग, लपटें देख घबराए कर्मचारी, पांच घंटे लगे बुझाने में..चार करोड़ का नुकसान
Wed, 02 Feb 2022 06:24 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 02 Feb 2022 06:24 PM IST
सार
इंदौर में बिजली ग्रिड में आग लग गई। इससे चार करोड़ रुपये का रिएक्टर जल गया। फोम की मदद से आग पर काबू पाया गया जिसमें पांच घंटे लग गए। आग लगने से अफरा तफरी मच गई और कर्मचारी घबरा गए। बिजली सप्लाय बाधित नहीं हुआ।
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आग लगने के बाद इस तरह उठीं लपटें
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
खंडवा रोड स्थित बिजली ग्रिड में मंगलवार देर रात को आग लग गई। आग की सूचना मिलने पर अफरा-तफरी मच गई। दमकलों को बुलाया गया। करीब पांच घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आगजनी से करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ।
जानकारी के मुताबिक तेजाजी नगर के आगे खंडवा रोड पर पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की बिजली ग्रिड है। मंगलवार देर रात को यहां आग लग गई। 400 केवी की ग्रिड का एक रिएक्टर आग की चपेट में आया। विविकं अफसरों के मुताबिक रिएक्टर पुराना था और सारणी पॉवर जेनरेशन से आने वाली बिजली के ट्रांसमिशन में काम आता था। इंदिरा सागर परियोजना से आपूर्ति शुरू होने के बाद नया रिएक्टर लग चुका था। इसलिए पुराने रिएक्टर की आग से बिजली की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हुई। हालांकि पुराना रिएक्टर जलकर खत्म हो चुका है। ट्रांसमिशन कंपनी के अनुसार लाइनें जो क्षतिग्रस्त हुई उसका सुधार पूरा कर लिया गया है। खत्म हुए रिएक्टर की जगह नया लगेगा या नहीं यह ऊपर से तय किया जाएगा। आग लगने के बाद कर्मचारी भी घबरा गए। चूंकि बिजली ग्रिड में आग लगी थी इस कारण पानी से बुझाना संभव नहीं था। इस पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने फोम की मदद से आग बुझाई। करीब 800 लीटर फोम और डेढ लाख लीटर पानी लगा। बताया गया कि रिएक्टर का ऑइल होने के कारण आग लगी थी। होकर चलने से आग लगी। जो रिएक्टर जला उसकी कीमत 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस ग्रिड से शहर में किसी तरह की बिजली सप्लाय नहीं होती है। यह ग्रिड इंदिरा सागर बांध से जबलपुर की ओर बिजली सप्लाय करती है। इस वजह से शहर की बिजली सप्लाय अप्रभावित रही। अफसरों ने बताया कि इस ग्रिड में आग के कारण इसका लोड दूसरी दो अन्य ग्रिड में शिफ्ट कर दिया था। यहां बिजली सप्लाय की तीन ग्रिड है। रात में दो ग्रिड को बचा लिया गया। एक ग्रिड में करीब 20 टन ऑइल रहता है। यदि समय पर आग पर काबू नहीं किया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
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जानकारी के मुताबिक तेजाजी नगर के आगे खंडवा रोड पर पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की बिजली ग्रिड है। मंगलवार देर रात को यहां आग लग गई। 400 केवी की ग्रिड का एक रिएक्टर आग की चपेट में आया। विविकं अफसरों के मुताबिक रिएक्टर पुराना था और सारणी पॉवर जेनरेशन से आने वाली बिजली के ट्रांसमिशन में काम आता था। इंदिरा सागर परियोजना से आपूर्ति शुरू होने के बाद नया रिएक्टर लग चुका था। इसलिए पुराने रिएक्टर की आग से बिजली की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं हुई। हालांकि पुराना रिएक्टर जलकर खत्म हो चुका है। ट्रांसमिशन कंपनी के अनुसार लाइनें जो क्षतिग्रस्त हुई उसका सुधार पूरा कर लिया गया है। खत्म हुए रिएक्टर की जगह नया लगेगा या नहीं यह ऊपर से तय किया जाएगा। आग लगने के बाद कर्मचारी भी घबरा गए। चूंकि बिजली ग्रिड में आग लगी थी इस कारण पानी से बुझाना संभव नहीं था। इस पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने फोम की मदद से आग बुझाई। करीब 800 लीटर फोम और डेढ लाख लीटर पानी लगा। बताया गया कि रिएक्टर का ऑइल होने के कारण आग लगी थी। होकर चलने से आग लगी। जो रिएक्टर जला उसकी कीमत 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस ग्रिड से शहर में किसी तरह की बिजली सप्लाय नहीं होती है। यह ग्रिड इंदिरा सागर बांध से जबलपुर की ओर बिजली सप्लाय करती है। इस वजह से शहर की बिजली सप्लाय अप्रभावित रही। अफसरों ने बताया कि इस ग्रिड में आग के कारण इसका लोड दूसरी दो अन्य ग्रिड में शिफ्ट कर दिया था। यहां बिजली सप्लाय की तीन ग्रिड है। रात में दो ग्रिड को बचा लिया गया। एक ग्रिड में करीब 20 टन ऑइल रहता है। यदि समय पर आग पर काबू नहीं किया जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
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