फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   in short span of time Madhya Pradesh sentenced life imprisonment to 150 rapists

मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड, 10 महीने में 150 दुष्कर्मियों को दी आजीवन कारावास की सजा

Sat, 17 Nov 2018 10:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sat, 17 Nov 2018 10:47 AM IST
विज्ञापन
in short span of time Madhya Pradesh sentenced life imprisonment to 150 rapists
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

मध्यप्रदेश की विभिन्न अदालतों ने केवल 10 महीने में लगभग 150 दुष्कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह अकेला ऐसा राज्य है जो सरकारी अभियोजकों को अपराधियों को कड़ी सजा दिलवाने के लिए अवॉर्ड के तौर पर प्वाइंट देता है। ट्रायल अदालतों ने 28 फरवरी से अबतक के 16 मामलों में मौत की सजा सुनाई। जिसमें से 14 मामलों में पीड़ित नाबालिग थीं।

विज्ञापन


इतने कम समय में देश के अंदर सजा-ए-मौत देने के मामले में यह संख्या सबसे ज्यादा है। इनमें से उच्च न्यायालय ने तीन मीमलों में मौत की सजा पर मुहर लगाई। वहीं तीन मामलों में फांसी की सजा को घटाकर आजीवन कारावास कर दिया गया। सरकारी अभियोजक के निदेशक राजेंद्र कुमार ने कहा, 'अभी तक उच्च न्यायालय ने किसी को भी बरी नहीं किया है। यह जांच की गुणवत्ता और अभियोजन पक्ष के अच्छे काम को दिखाता है।'
विज्ञापन


कुमार ने बताया कि 150 ट्रायल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसमें पीड़ित नाबालिग थे। सरकारी अभियोजक जो किसी मामले में सजा की मौत को बरकरार रख पाते हैं उन्हें 1000 प्वाइंट मिलते हैं और हर आरोपी को आजीवन कारावास दिलाने पर उन्हें 500 प्वाइंट दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में मध्यप्रदेश में होने वाले क्विक ट्रायल का जिक्र किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम मोदी ने शहडोल में किए चुनाव प्रचार के दौरान भी 15 अगस्त की बात को दोहराया था। इन क्विक ट्रायल का नतीजा मौत की सजा होता है। ज्यादातर मामलों में मौत की सजा 21 अप्रैल को आपराधिक कानून में हुए संशोधन के कारण दी जाती है। इस कानून के अनुसार ट्रायल जज को यह शक्ति मिल गई है कि वह 12 साल या उससे कम उम्र के बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्म के मामले में मौत की सजा दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed