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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   In Neemuch too, Dalits were prevented from climbing a mare: Dabangs had threatened the family, the police joined as a procession, made the village a cantonment

नीमच में भी दलित को घोड़ी चढ़ने से रोका: दबंगों ने परिवार को दी थी धमकी, पुलिस बाराती बनकर हुई शामिल, गांव को बनाया छावनी

Fri, 28 Jan 2022 01:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 28 Jan 2022 01:17 PM IST
सार

नीमच जिले के सारसी गांव में एक दलित दूल्हे की घोड़ी पर बारात नहीं निकालने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस बाराती बनकर बारात के साथ चले। गांव छावनी में तब्दील हुआ तब दलित युवक की शादी हुई। 

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In Neemuch too, Dalits were prevented from climbing a mare: Dabangs had threatened the family, the police joined as a procession, made the village a cantonment
Neemuch: दबंगों की धमकी के बाद पुलिस के साए में निकली दलित युवक की बारात। (प्रतीकात्मक चित्र) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नीमच जिले के सारसी गांव में एक दलित दूल्हे की घोड़ी पर बारात नहीं निकालने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस बाराती बनकर बारात के साथ चले। गांव छावनी में तब्दील हुआ तब दलित युवक की शादी हुई।
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बता दें कि नीमच के मनासा थाना क्षेत्र के सारसी गांव में दबंगों ने राहुल मेघवाल के परिवार को मंदिर के सामने से घोड़ी चढ़कर बारात निकालने से मना किया था। इस पर युवक राहुल व उसका परिवार पुलिस की शरण में पहुंचे। पुलिस ने गांव में शादी से एक दिन पहले ही 100 से ज्यादा पुलिस के जवान तैनात किए थे। गुरुवार को डीजे बजवाकर धूमधाम से दलित युवक की बारात निकाली। पूरे गांव को छावनी में बदल दिया गया था।
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दूल्हे राहुल मेघवाल की माने तो कुछ दबंगों ने उनके पिता को डरा धमकाकर कहा था की, वो अपने बेटे की बारात गांव में मंदिर के सामने से घोड़ी पर बैठकर ना निकाले। नही तो उन्हें एक साल में गांव छोड़ना पड़ेगा। दूल्हे राहुल मेघवाल ने कहा कि शादी के कुछ दिन पहले ही गांव के मीणा समाज के कुछ लोगों ने मंदिर के सामने से बिंदौली नही निकालने की धमकी दी थी। जिस मेरे पिताजी ने कलेक्टर मयंक अग्रवाल को स्थित से अवगत कराया था। इसके बाद आज प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से मेरी बिंदौली गांव में निकली मैं प्रशासन के सभी अधिकारियों का आभारी हूं। थाना प्रभारी कन्हैयालाल दांगी ने बताया कि ग्राम सारसी में बारात रोके जाने की आशंका को लेकर पुलिस और प्रशासन ने गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके बाद दलित दूल्हे की बारात धूमधाम से निकाली गई।
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भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश प्रभारी सुनील अस्थई का कहना है कि यह गांव में पहला मामला है, जब किसी दलित की घोड़ी पर बैठकर बिंदोली निकाली गई। बता दें कि दो दिन पहले सागर जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जिले के बंडा थाना क्षेत्र में रविवार को दिलीप अहिरवार की शादी थी। परिवार ने तय किया कि वे बेटे की बारात घोड़ी पर निकालेंगे। दिलीप घोड़ी पर बैठकर पूजन के लिए जा रहा था। गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। पुलिस गांव पहुंची और पुलिस के पहरे में घोड़ी पर बैठकर दूल्हा पूजन के लिए निकला। शाम को बारात गांव से चली गई। इसके बाद गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने शादी वाले घर और आसपास के घरों पर पथराव कर दिया। घरों के बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हंगामा होने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। 
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