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काम न आया रसूख: सीहोर में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, एक दर्जन दुकानें ध्वस्त, दिग्विजय सिंह के फोन से भी नहीं रुकी कार्रवाई
Fri, 29 Apr 2022 07:24 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Apr 2022 07:24 PM IST
सार
सीहोर जिले की तहसील आष्टा के अलीपुर में प्रशासनिक अमले ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है। करोड़ों रुपये की जमीन पर एक दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के फोन के बाद भी कार्रवाई नहीं रोकी गई।
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करोड़ों रुपये की जमीन पर एक दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीहोर जिले की तहसील आष्टा के अलीपुर में प्रशासनिक अमले ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है। करोड़ों रुपये की जमीन पर एक दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के फोन के बाद भी कार्रवाई नहीं रोकी गई।
जानकारी के अनुसार इंदौर-भोपाल हाईवे पर रोड से लगी करीब पौने एक एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। अतिक्रमणकर्ता भैया मियां हिजेफुर्रह्मान बताया गया। अतिक्रमणकर्ता कांग्रेस से जुड़ा बताया गया है। इस जमीन पर उसने पक्का निर्माण दुकानें बना दीं फिर उन्हें किराए पर दे दी थीं। प्रशासन ने पहले नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने या जमीन से जुड़े कागजात बताने के लिए कहा गया था। पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर पहुंच गया। दुकानें गिराने की कार्रवाई शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकर्ता के कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी संबध हैं और वह खुद कांग्रेस पार्टी जुड़ा है। अतिक्रमणकर्ता ने रसूख दिखाते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की। उसने कार्रवाई करने पहुंचे तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मोबाइल पर बात भी करवाई। तहसीलदार चौधरी ने दिग्विजय सिंह को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। बताया कि मौका देने के बाद भी अतिक्रमणकर्ता द्वारा कोई वैधानिक कागज उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसलिए ये कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण को लेकर जिले में अब तक कि सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमे करोड़ों रुपये की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार इंदौर-भोपाल हाईवे पर रोड से लगी करीब पौने एक एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। अतिक्रमणकर्ता भैया मियां हिजेफुर्रह्मान बताया गया। अतिक्रमणकर्ता कांग्रेस से जुड़ा बताया गया है। इस जमीन पर उसने पक्का निर्माण दुकानें बना दीं फिर उन्हें किराए पर दे दी थीं। प्रशासन ने पहले नोटिस भेजकर अतिक्रमण हटाने या जमीन से जुड़े कागजात बताने के लिए कहा गया था। पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर पहुंच गया। दुकानें गिराने की कार्रवाई शुरू की गई।
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बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकर्ता के कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी संबध हैं और वह खुद कांग्रेस पार्टी जुड़ा है। अतिक्रमणकर्ता ने रसूख दिखाते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश भी की। उसने कार्रवाई करने पहुंचे तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मोबाइल पर बात भी करवाई। तहसीलदार चौधरी ने दिग्विजय सिंह को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। बताया कि मौका देने के बाद भी अतिक्रमणकर्ता द्वारा कोई वैधानिक कागज उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसलिए ये कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण को लेकर जिले में अब तक कि सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमे करोड़ों रुपये की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया जा रहा है।
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