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MP Honeytrap Case: आरती के बाद श्वेता भी रिहा, आरती बोली- मुझे झूठा फंसाया, श्वेता का जवाब- समय पर सच बताऊंगी
Sat, 21 May 2022 09:13 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 21 May 2022 09:13 PM IST
सार
मप्र के बहुचर्चित हनीट्रेप मामले की आरोपी आरती दयाल और श्वेता विजय जैन से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हो गईं। श्वेता ने बस ये कहा कि समय आने पर सब बताऊंगी, वहीं आरती ने कहा मुझे झूठे केस में फंसाया गया। कानूनी लड़ाई लड़ूंगी।
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आरती दयाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मप्र के बहुचर्चित हनीट्रेप केस में आरोपी आरती दयाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई जिसके बाद वह जेल से रिहा हुई। इसी केस में आरोपी श्वेता विजय जैन को भी जमानत मिलने के बाद शुक्रवार रात को जेल से रिहा किया गया। आरोपी महिलाओं ने बस इतना कहा कि समय आने पर सब बताएंगीं।
बता दें कि इंदौर की पलासिया पुलिस ने दिसंबर 2019 में इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और आरती दयाल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि महिलाओं ने इंजीनियर का अश्लील वीडियो बनाकर तीन करोड़ रुपयों की मांग की थी। हनीट्रैप केस में तो महिलाओं को जमानत मिल गई, लेकिन सीआईडी (भोपाल) में दर्ज मानव तस्करी का केस सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर आरती दयाल की गुरुवार रात रिहाई हुई, जबकि श्वेता को शुक्रवार रात रिहा किया गया। दोनों अपने भाइयों के साथ गईं। श्वेता जैन नकाब बांधे जेल से बाहर निकली। उसने मामले को लेकर किसी तरह की बात नहीं की। कार में बैठते वक्त सिर्फ ये कहा कि समय आने पर सब बताऊंगी।
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बता दें कि इंदौर की पलासिया पुलिस ने दिसंबर 2019 में इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और आरती दयाल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि महिलाओं ने इंजीनियर का अश्लील वीडियो बनाकर तीन करोड़ रुपयों की मांग की थी। हनीट्रैप केस में तो महिलाओं को जमानत मिल गई, लेकिन सीआईडी (भोपाल) में दर्ज मानव तस्करी का केस सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर आरती दयाल की गुरुवार रात रिहाई हुई, जबकि श्वेता को शुक्रवार रात रिहा किया गया। दोनों अपने भाइयों के साथ गईं। श्वेता जैन नकाब बांधे जेल से बाहर निकली। उसने मामले को लेकर किसी तरह की बात नहीं की। कार में बैठते वक्त सिर्फ ये कहा कि समय आने पर सब बताऊंगी।
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श्वेता विजय जैन
- फोटो : सोशल मीडिया
इस मामले में आरती दयाल ने भी खुद को बेकसूर बताया। कहा कि मैं झूठे केस में ढाई साल तक जेल में रही हूं। इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। मीडिया के सामने बात रखने का मौका ही नहीं मिला। समय आने पर बात रखूंगी। आरती ने कहा कि उसे नहीं पता कि हनीट्रैप केस क्यों बनाया। जो आरोप लगाए उससे संबंधित सबूत ही नहीं है। इंजीनियर हरभजन सिंह और दोनों श्वेता को पहचानने से भी इंकार किया। आरती ने कहा कि मैंने बुरा वक्त बिताया है और अब इंसाफ के लिए लड़ूंगी। राजनेता और अफसरों के बारे में पूछने पर आरती ने कहा कि प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए मैं इस बारे में ज्यादा नहीं बोल सकती। जेल से रिहा होने के बाद आरती परिवार के पास छतरपुर रवाना हुई। जाते-जाते बय से कहा कि मैं जल्द सबके सामने आकर अपनी बात रखूंगी।
