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मध्यप्रदेश हनीट्रैप: गोविंद सिंह बोले- राजनीति से जुड़े लोग ऐसा करें तो हो कठोर कार्रवाई
Sat, 28 Sep 2019 09:04 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 28 Sep 2019 09:04 AM IST
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मंत्री गोविंद सिंह
- फोटो : ANI
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मध्यप्रदेश का हनीट्रैप मामला अब ज्यादा व्यापक रूप धारण करता जा रहा है। इस मामले के लिए सरकार ने एक एसआईटी गठित की थी, ताकि इस मामले की जांच की सही से हो सके।
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इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह ने भोपाल में कहा कि राजनीति में आने वाले लोग अगर ऐसा अनैतिक काम करते हैं तो उन पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से उनका प्रदर्शन भी होना चाहिए ताकि लोगों को इसका सबक मिले।
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Govind Singh, Madhya Pradesh minister on alleged honey trapping case, in Bhopal yesterday:Agar rajneeti mein aane wale log agar aisa anetik kaam karte hain toh un par kathor karyawahi honi chahiye aur sarwajanik roop se unka pradarshan bhi hona chahiye ki logon ko iska sabak mile pic.twitter.com/bsRrBcaQPd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 28, 2019
इससे पहले हनीट्रैप की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन ने पूछताछ में एसआईटी को बताया था कि मध्यवर्गीय परिवार से आने वाली 20 से अधिक छात्राओं को अफसरों के पास भेजा गया।
श्वेता ने इस बात का भी खुलासा किया है कि हनीट्रैप का मुख्य उद्देश्य सरकारी ठेके, एनजीओ को फंडिंग करवाना और वीआईपी लोगों को टारगेट करना था। श्वेता ने बताया कि कई बड़ी कंपनियों को ठेके दिलवाने में मदद की। इस काम में उसकी साथी रही आरती दयाल ने भी अहम भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि हनीट्रैप मामले की आरोपी श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा को 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा दिया गया है। अन्य आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव को एक अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
इसके अलावा श्वेता ने एसआईटी को बताया कि आईपीएस और आईएएस अफसरों की डिमांड पर कॉलेज की छात्राओं को उनके पास भेजा जाता था। इन अधिकारियों में कई तो उन छात्राओं की पिता की उम्र के बराबर थे।
