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Hamidia Hospital Fire News: मुख्यमंत्री ने कहा- उच्चस्तरीय जांच होगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 7 होने की सूचना
Wed, 10 Nov 2021 02:21 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 10 Nov 2021 02:21 AM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमीदिया हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम के लिए 7 बच्चों के शव लाए गए हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चार बच्चों की मौत हुई है।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमीदिया हादसे की उच्चस्तरीय जांच होगी। उस समय फायर आग बुझाने वाले हाईड्रेंट और फायर एक्सटिंग्विशर काम कर रहे थे या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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सरकार ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए
मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चार नवजात शिशुओं की मौत के बाद राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं।
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हमीदिया कैम्पस में कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल है। इसमें ही सोमवार रात करीब नौ बजे आग लगी थी। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में 40 बच्चे भर्ती थे, जहां आग का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सूत्रों का कहना है कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से और पीडियाट्रिक वेंटिलेटर ने आग पकड़ ली। सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए सात बच्चों के शव लाए गए हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चार बच्चों की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक नवजात झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे से यह साफ हो गया है कि फायर सेफ्टी का ऑडिट बेहद जरूरी है। सरकारी ही नहीं बल्कि प्राइवेट अस्पतालों में भी फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बरती जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री का दावा- 36 बच्चों का इलाज चल रहा है
इससे पहले चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार सुबह अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने दावा किया था कि 36 बच्चों का इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि 4-4 परिजनों को अंदर जाकर बच्चों से मिलने की अनुमति दी जा रही है। इससे पहले हादसे की जांच कर रहे अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान अस्पताल पहुंचे। डीन भी उनके साथ थे। परिजनों का दावा है कि रात ढाई बजे से मंगलवार सुबह तक अस्पताल प्रबंधन ने कई लोगों को बच्चों की मौत की खबर दी है। ऐसे में आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एनसीपीसीआर ने लिया स्वत: संज्ञान
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने हमीदिया अस्पताल, भोपाल के कमला नेहरू बाल चिकित्सालय के एसएनसीयू में चार शिशुओं की मौत के संबंध में समाचार रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच दल गठित करने को कहा है। उसे अस्पताल को दी गई फायर एनओसी के विवरण और अस्पताल के लिए किए गए अंतिम अग्नि सुरक्षा ऑडिट के विवरण से भी अवगत कराना है। इसमें मृत शिशुओं के परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजे की भी मांग की गई है।
