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हे राम! यह कैसी तस्वीर: दो साल के छोटे भाई का शव गोद में लेकर सड़क पर बैठा मासूम, वाहन के लिए भटक रहा पिता

Sun, 10 Jul 2022 04:26 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: रवींद्र भजनी Updated Sun, 10 Jul 2022 04:26 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में बदहाली और दर्द की ऐसी तस्वीर सामने आई है कि हर किसी का दिल पसीज जाए। एक आठ साल का बच्चा अपने दो साल के भाई के शव गोद में लेकर बैठा था।

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What kind of picture is this: Innocent sitting on the road with the body of a two-year-old brother in his lap, father wandering for a vehicle
मुरैना में दो साल के भाई के शव के साथ आठ साल का गुलशन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरैना जिले में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे देखकर सभी की रूह कांप उठी। जिला अस्पताल के पास आठ साल का मासूम अपनी गोद में दो साल के भाई का शव लिए सड़क किनारे बैठा था। मृतक का गरीब पिता अपने बच्चे के शव को घर ले जाने के लिए कम किराये वाले वाहन की तलाश में फिरता रहा। विचलित कर देने वाला यह द्श्य जिसने भी देखा उसकी आत्मा सिहर गई। आंखों से आंसू निकल आए। जिला अस्पताल से शव ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला, लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो तुरंत ही एंबुलेंस का इंतजाम हो गया।
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बताया जा रहा है कि अंबाह के बड़फरा गांव निवासी पूजाराम जाटव अपने दो साल के बेटे राजा को एंबुलेंस से अंबाह अस्पताल से रैफर कराकर जिला अस्पताल में लाया था। एनीमिया और पेट में पानी भरने से परेशान राजा ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अंबाह अस्पताल से राजा को लेकर जो एंबुलेंस आई वह तत्काल लौट गई। राजा की मौत के बाद उसके गरीब पिता पूजाराम ने अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ से शव को गांव ले जाने के लिए वाहन की बात की तो यह कहकर मना कर दिया कि शव ले जाने के लिए अस्पताल में कोई वाहन नहीं है। बाहर भाड़े से गाड़ी कर लो। अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस के किसी संचालक ने एक तो किसी ने डेढ़ हजार रुपये मांगे। पूजाराम के पास इतनी रकम नहीं थी, इसलिए वह अपने बेटे राजा के शव को लेकर अस्पताल के बाहर आ गया। साथ में आठ साल का बेटा गुलशन भी था। अस्पताल के बाहर भी कोई वाहन नहीं मिला। इसके बाद गुलशन को नेहरू पार्क के सामने, सड़क किनारे बने नाले के पास बैठाकर पूजाराम सस्ता वाहन तलाशने चला गया। मुरैना के सीएमएचओ डॉ. राकेश शर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम अस्पताल में आई, तब एंबुलेंस से शव को गांव भिजवाया गया। 
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एक घंटे तक शव लेकर बैठा रहा गुलशन
एक घंटे तक आठ साल का गुलशन अपने दो साल के भाई के शव को गोद में लेकर बैठा रहा। इस दौरान उसकी नजरें टकटकी लगाए सड़क पर पिता के लौटने का इंतजार करती रहीं। कभी गुलशन रोने लगता तो कभी अपने भाई के शव को दुलारने लगता। सड़क पर राहगीरों की भीड़ लग गई, जिसने भी यह द्श्य देखा उसकी रूह कांप गई, कई लोगों की आंखें से आंसू बह निकले।
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कोतवाली टीआई ने करवाई व्यवस्था
सूचना मिलने पर कोतवाली टीआई योगेंद्र सिंह जादौन आए। उन्होंने मासूम गुलशन की गोद से उसके भाई का शव उठवाया। दोनों को जिला अस्पताल ले गए। वहां गुलशन का पिता पूजाराम भी आ गया। एंबुलेंस से शव को बड़फरा भिजवाया गया। रोते हुए पूजाराम ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। तीन बेटे और एक बेटी। राजा सबसे छोटा था। पूजाराम के अनुसार उसकी पत्नी तुलसा तीन महीने पहले घर छोड़कर अपने मायके डबरा चली गई है। वह खुद ही बच्चों की देखभाल करता है। 
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