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Priyadarshani Raje: पहली बार मॉर्निंग वॉक पर निकलीं ग्वालियर रियासत की महारानी, लोगों से इस मुद्दे पर की चर्चा
Sat, 10 Dec 2022 12:54 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sat, 10 Dec 2022 12:54 PM IST
सार
ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी महाराज वाली छवि तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी पत्नी और सिंधिया रियासत की महारानी प्रियदर्शनी राजे भी इन दिनों अपनी महारानी वाली छवि को बदलने की कोशिश में जुटी हैं।
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कैंसर पहाड़ी पर लोगों से चर्चा करती प्रियदर्शनी राजे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्वालियर शहर की कैंसर पहाड़ी पर ग्वालियर रियासत की महारानी और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया शनिवार सुबह वॉक करते हुए पहुंची और आम आदमी की तरह वहां मौजूद लोगों से कैंसर पहाड़ी का नाम बदलने के लिए चर्चा की। यह पहला मौका रहा जब महारानी आम लोगों के बीच पहुंची।
लोगों के साथ पकौड़ी का लिया लुत्फ
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके बेटे महान आर्यमन सिंधिया और अब उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी लोगों के बीच पहुंचने लगी हैं। प्रियदर्शनी राजे सिंधिया कैंसर पहाड़ी पर सुबह-सुबह महल से वॉक करते हुए, पहुंची और लोगों के बीच सामान्य रूप से बैठकर कैंसर पहाड़ी का नाम बदलने को लेकर चर्चा की, लगभग 3 घंटे तक लोगों के बीच बैठकर महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने बातें की लोगों का हाल-चाल को जाना। उन्होंने लोगों से पहाड़ी के नामकरण को लेकर पर्ची पर नाम कलेक्ट किए, लोगों से राय मशवरे के बाद कैंसर पहाड़ी का नाम शीतल संजीवनी पहाड़ी सहित दो अन्य नामों पर मंथन हुआ, इस दौरान प्रियदर्शनी राजे सिंधिया का सहज सरल और अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने लोगों के बीच पकौड़ी का लुफ्त उठाया तो वही पकौड़ी बांटने वाले आम लोगों के साथ अपने मोबाइल से सेल्फी भी ली, महारानी से चर्चा के बाद लोगों ने उनके इस कदम को सराहा है।
कैंसर पहाड़ी का नाम बदलने की रखी मांग
लोगों से मुलाकात और चर्चा के बाद प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने कहा कि अक्सर वह यहां से शिवपुरी, सुलतानगढ़, गुना सहित अन्य जगह जाने के लिए निकलती हैं, इसलिए यहां पर रहने वाले लोगों को वो जानती भी हैं, लेकिन उन्हें हमेशा से कभी अच्छा नहीं लगा कि इस खूबसूरत पहाड़ी का नाम कैंसर पहाड़ी है,जबकि यहां मध्यप्रदेश के दो बड़े हॉस्पिटल हैं ,जो लोगों को नया जीवन दे रहे हैं साथ ही खूबसूरत प्लांटेशन और खुली हवा मौजूद है। फिर भी इसे कैंसर पहाड़ी के नाम से जाना जाता है जिसे सुनकर शहर के साथ ही बाहर से आने वाले लोग भी नेगेटिव फील करते हैं, यही कारण है कि सबके साथ मिलकर पहल की है कि लोग यहां का नाम कुछ ऐसा रखें जिसे सुनकर पॉजिटिव फील हो लोग खुश हों, ऐसे में दो तीन नामों पर चर्चा चल रही है। यहां पर रहने वाले, यहां पर रोज वॉकिंग करने वाले लोग मिलकर तय करेंगे कि आखिर इसका फाइनल नाम क्या रखना है, जो पॉजिटिव फील वाला हो।
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सिंधिया परिवार राजनीति के साथ सामाजिक सेवा के कामों में भी आगे आता रहा है। ऐसे में सिंधिया रियासत की महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी अपने पति और बेटे की तरह जनता के बीच सीधे रूबरू होने लगी हैं और उनका अंदाज भी महारानी से हटकर आम आदमी की तरह नजर आया है।
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लोगों के साथ पकौड़ी का लिया लुत्फ
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके बेटे महान आर्यमन सिंधिया और अब उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी लोगों के बीच पहुंचने लगी हैं। प्रियदर्शनी राजे सिंधिया कैंसर पहाड़ी पर सुबह-सुबह महल से वॉक करते हुए, पहुंची और लोगों के बीच सामान्य रूप से बैठकर कैंसर पहाड़ी का नाम बदलने को लेकर चर्चा की, लगभग 3 घंटे तक लोगों के बीच बैठकर महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने बातें की लोगों का हाल-चाल को जाना। उन्होंने लोगों से पहाड़ी के नामकरण को लेकर पर्ची पर नाम कलेक्ट किए, लोगों से राय मशवरे के बाद कैंसर पहाड़ी का नाम शीतल संजीवनी पहाड़ी सहित दो अन्य नामों पर मंथन हुआ, इस दौरान प्रियदर्शनी राजे सिंधिया का सहज सरल और अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने लोगों के बीच पकौड़ी का लुफ्त उठाया तो वही पकौड़ी बांटने वाले आम लोगों के साथ अपने मोबाइल से सेल्फी भी ली, महारानी से चर्चा के बाद लोगों ने उनके इस कदम को सराहा है।
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कैंसर पहाड़ी का नाम बदलने की रखी मांग
लोगों से मुलाकात और चर्चा के बाद प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने कहा कि अक्सर वह यहां से शिवपुरी, सुलतानगढ़, गुना सहित अन्य जगह जाने के लिए निकलती हैं, इसलिए यहां पर रहने वाले लोगों को वो जानती भी हैं, लेकिन उन्हें हमेशा से कभी अच्छा नहीं लगा कि इस खूबसूरत पहाड़ी का नाम कैंसर पहाड़ी है,जबकि यहां मध्यप्रदेश के दो बड़े हॉस्पिटल हैं ,जो लोगों को नया जीवन दे रहे हैं साथ ही खूबसूरत प्लांटेशन और खुली हवा मौजूद है। फिर भी इसे कैंसर पहाड़ी के नाम से जाना जाता है जिसे सुनकर शहर के साथ ही बाहर से आने वाले लोग भी नेगेटिव फील करते हैं, यही कारण है कि सबके साथ मिलकर पहल की है कि लोग यहां का नाम कुछ ऐसा रखें जिसे सुनकर पॉजिटिव फील हो लोग खुश हों, ऐसे में दो तीन नामों पर चर्चा चल रही है। यहां पर रहने वाले, यहां पर रोज वॉकिंग करने वाले लोग मिलकर तय करेंगे कि आखिर इसका फाइनल नाम क्या रखना है, जो पॉजिटिव फील वाला हो।
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सिंधिया परिवार राजनीति के साथ सामाजिक सेवा के कामों में भी आगे आता रहा है। ऐसे में सिंधिया रियासत की महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी अपने पति और बेटे की तरह जनता के बीच सीधे रूबरू होने लगी हैं और उनका अंदाज भी महारानी से हटकर आम आदमी की तरह नजर आया है।
