MP पुलिस का कारनामा: ग्वालियर में सटोरियों से पुलिस ने ली 23 लाख की रिश्वत, सब इंस्पेक्टर समेत तीन पर FIR
ग्वालियर पुलिस का भ्रष्ट चेहरा सामने आया है। क्रिकेट पर सट्टा लगवाने की शिकायत पर एक टाउनशिप में छापा मारने पहुंची पुलिस की एक टीम ने वहां पकड़े गए सटोरियों के साथ बड़ी डील कर ली। मिली जानकारी के मुताबिक, छापा मारने गई पुलिस टीम ने सटोरियों से 23 लाख रुपये की घूस ली।
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ग्वालियर पुलिस का भ्रष्ट चेहरा सामने आया है। क्रिकेट पर सट्टा लगवाने की शिकायत पर एक टाउनशिप में छापा मारने पहुंची पुलिस की एक टीम ने वहां पकड़े गए सटोरियों के साथ बड़ी डील की। पुलिस ने सटोरियों से 23 लाख रुपये की घूस वसूल की। दुस्साहस इतना कि पुलिस टीम ने यह रुपया ऑनलाइन खातों में ट्रांसफर किया। इस मामले का खुलासा होते ही एसपी ने रविवार देर रात एक सब इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तीनों को सस्पेंड कर दिया। इस एफआईआर में एक अज्ञात आरोपी को भी शामिल किया गया है।
बता दें, रविवार रात को इंग्लैंड और न्यूजीलेंड के बीच क्रिकेट मैच था। क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर ने थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को सूचना दी कि एमके सिटी में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलने की सूचना है। टीआई ने उसे इस इनपुट की तस्दीक करने को कहा। थोड़ी देर बाद विकास ने टीआई को कॉल करके कहा कि वह एमके सिटी में सटोरियों के फ्लैट पर पहुंच गया है। वहां पर लगभग डेढ़ दर्जन लोग मौजूद हैं। आरोपियों की संख्या अधिक होने पर टीआई ने सब इंस्पेक्टर राहुल अहिरवार को सिरोल के थाना प्रभारी विनय तोमर की टीम के साथ मौके पर भेजा।
15 सटोरिये पकड़े गए
एडिशनल एसपी ऋषिकेश मीणा ने बताया कि क्राइम ब्रांच और सिरोल थाना पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में 15 सटोरिये पकड़े गए। इनमें ज्यादातर दतिया जिले के हैं, इनके पास से दो लैपटॉप, 30 मोबाइल फोन और चार डायरी बरामद हुई। इनमें 50 लाख से ज्यादा का हिसाब किताब दर्ज है। खास बात ये कि पकड़ने गए दो पुलिसकर्मी भी दतिया के ही हैं। इससे पुलिस अफसर चौकन्ना हुए। इस बीच इस मामले में सटोरियों से पैसे लेने की सुगबुगाहट शुरू हुई तो क्राइम ब्रांच टीआई ने जांच शुरू की और एसपी राजेश चंदेल को भी बताया। थोड़ी ही देर में यह तथ्य उजागर हो गया कि सटोरियों की तरफ से छापा मारने गए एसआई और दो पुलिसकर्मियों के खातों में तीन किश्तों में 10 लाख, आठ लाख और 5.15 लाख रुपये में दो खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। बाद में यह भी पता चला कि इन्होंने सटोरियों से 10 हजार नकद और दो मोबाइल पहले ही लेकर अपनी जेब में रख लिए थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दिन भर अफसर सिरोल थाने पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ करते रहे। जब खातों में पैसे ट्रांसफर होने की पुष्टि हो गई तो देर रात पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
भनक लगते की गायब हो गए पुलिसकर्मी
पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल के आदेश पर सिरोल टीआई ने क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, आरक्षक राहुल यादव और विकास तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से एसआई मुकुल यादव गोला का मंदिर थाना में पदस्थ है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद देर रात ही एसपी ने तीनों आरोपी पुलिस वालों सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, आरक्षक राहुल यादव और विकास तोमर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनकी गिरफ्तारी की भी कोशिश की गई, लेकिन भनक लगने पर ये गायब हो गए।
