फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   New Vice Chancellor Rajkumar Acharya took charge at Jiwaji University

Gwalior: जीवाजी विवि में नए कुलगुरु ने ग्रहण किया पदभार, NSUI ने बर्खास्त कुलगुरु की कुर्सी का किया शुद्धिकरण

Wed, 19 Feb 2025 05:17 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Wed, 19 Feb 2025 05:17 PM IST
सार

जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी को राज्यपाल ने धारा 52 के तहत बर्खास्त किया। वे फर्जी कॉलेज को मान्यता देने के मामले में ईओडब्ल्यू केस में आरोपी थे। नए कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने पदभार संभाला, लेकिन एनएसयूआई ने कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण कर विरोध जताया। 

विज्ञापन
New Vice Chancellor Rajkumar Acharya took charge at Jiwaji University
ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी को बर्खास्त कर दिया गया। बुधवार को नए कुलगुरु के रूप में डॉ. राजकुमार आचार्य को कुर्सी संभाली, लेकिन उससे पहले एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। एनएसयूआई ने कुलगुरु की कुर्सी का चेंबर में घुसकर गंगाजल से शुद्धिकरण कर डाला। इस दौरान सुरक्षा गार्ड ओर कार्यकर्ताओं में जमकर बहस हुई। अब नए कुलगुरु ने पदभार संभाल तो लिया, लेकिन सवाल ये है कि बाकी 17 प्रोफेसरों का क्या हुआ, जो फर्जीवाड़े के बाद भी पद पर बने हुए हैं और कॉलेजों का निरीक्षण करने के बाद मान्यता की अनुशंसा करते हैं।
विज्ञापन


धारा 52 का किया गया इस्तेमाल
राज्यपाल व कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में मंगलवार देर रात धारा 52 का उपयोग करते हुए कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी को पद से हटा दिया था। विवि के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी कुलगुरु को इस तरह हटाया गया। अविनाश तिवारी पर एक महीने पहले 13 जनवरी को ईओडब्ल्यू ने फर्जी कॉलेज को मान्यता के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किया था। 
विज्ञापन


कुर्सी को गंगाजल से धोया
इस बीच, नए कुलगुरु राजकुमार आचार्य जैसे ही पदभार ग्रहण करने पहुंचे, विवि में फिर हंगामा खड़ा हो गया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु की कुर्सी का गंगाजल से धोकर शुद्धिकरण कर डाला। कांग्रेस समर्थक इस छात्र संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस कुर्सी से बहुत भ्रष्ट्राचार हुए हैं, इसलिए शुद्धिकरण किया। साथ ही नए कुलगुरु से अपेक्षा की है, वो भी आगे ऐसा कोई काम न करें, जिससे यूनिवर्सिटी पर दाग लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


तिवारी समेत 18 पर ईओडब्ल्यू में केस 
मुरैना के झुंडपुरा गांव स्थित शिवशक्ति महाविद्यालय को मान्यता देने में फर्जीवाड़ा के केस में ईओडब्ल्यू ने दो कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी सहित 18 प्रोफेसर्स पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इस कॉलेज का कोई अस्तित्व नहीं था, इसके बाद भी लगातार कई सालों से संबद्धता दी जा रही थी। इसके बाद, लगातार धरने ओर प्रदर्शन के दौर चले थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed