{"_id":"6434fc9874fe1aea110b2b87","slug":"mp-news-accident-averted-in-sheopur-district-hospital-fire-broke-out-due-to-short-circuit-in-liquid-plant-2023-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: श्योपुर के जिला अस्पताल में हादसा टला, लिक्विड प्लांट में शॉर्ट सर्किट से लग गई थी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: श्योपुर के जिला अस्पताल में हादसा टला, लिक्विड प्लांट में शॉर्ट सर्किट से लग गई थी आग
Tue, 11 Apr 2023 11:52 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:52 AM IST
सार
श्योपुर के जिला अस्पताल में लगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में आग लग गई। सयम रहते उसे बुझा दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
श्योपुर के लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में आग लगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्योपुर के जिला अस्पताल में लगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। मौके पर प्लांट टेक्नीशियन अंकित शर्मा एवं अस्पताल के गार्डों की सूझबूझ से आग को समय पर बुझा दिया गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
जिला अस्पताल की बिल्डिंग के पीछे तीन ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। जिस प्लांट में आग लगी है, वह तीनों के बीच का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट है। यह प्लांट छह से आठ महीने पहले लगा था। इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर ने किया था। इस घटना के बाद आरोप लग रहे हैं कि इन तीनों प्लांटों का कार्य ठेकेदार ने अच्छा नहीं किया। ठेकेदार ने प्लांट में कॉपर की जगह एल्युमिनियम की वायरिंग लगा दी। इस वजह से अचानक झटके के साथ बिजली सप्लाई आई और शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे लिक्विड प्लांट की वायरिंग में आग लग गई।
इस आगजनी में प्लांट के अंदर लगी बिजली की कुछ टेबल और लोहे की एंगल जल गई। बताया जा रहा है कि अगर प्लांट तक आग पहुंच जाती तो धमाके के साथ ब्लास्ट होता। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं डॉक्टरों की जान को भी खतरा था। प्लांट टेक्नीशियन अंकित शर्मा ने बताया कि आग कुछ ही सेकंड में भड़क गई। उन्होंने बिजली सप्लाई बंद की। इससे अस्पताल के गार्डों के साथ मिलकर फायर गैस की सहायता से आग बुझाई। अगर यह आग समय पर नहीं बुझती तो लिक्विड प्लांट का विस्फोट होने का भी खतरा था। अगर यह विस्फोट होता तो अस्पताल में भर्ती मरीज एवं डॉक्टरों की जान को भी खतरा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल की बिल्डिंग के पीछे तीन ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। जिस प्लांट में आग लगी है, वह तीनों के बीच का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट है। यह प्लांट छह से आठ महीने पहले लगा था। इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर ने किया था। इस घटना के बाद आरोप लग रहे हैं कि इन तीनों प्लांटों का कार्य ठेकेदार ने अच्छा नहीं किया। ठेकेदार ने प्लांट में कॉपर की जगह एल्युमिनियम की वायरिंग लगा दी। इस वजह से अचानक झटके के साथ बिजली सप्लाई आई और शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे लिक्विड प्लांट की वायरिंग में आग लग गई।
विज्ञापन
इस आगजनी में प्लांट के अंदर लगी बिजली की कुछ टेबल और लोहे की एंगल जल गई। बताया जा रहा है कि अगर प्लांट तक आग पहुंच जाती तो धमाके के साथ ब्लास्ट होता। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं डॉक्टरों की जान को भी खतरा था। प्लांट टेक्नीशियन अंकित शर्मा ने बताया कि आग कुछ ही सेकंड में भड़क गई। उन्होंने बिजली सप्लाई बंद की। इससे अस्पताल के गार्डों के साथ मिलकर फायर गैस की सहायता से आग बुझाई। अगर यह आग समय पर नहीं बुझती तो लिक्विड प्लांट का विस्फोट होने का भी खतरा था। अगर यह विस्फोट होता तो अस्पताल में भर्ती मरीज एवं डॉक्टरों की जान को भी खतरा था।
विज्ञापन
