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MP News: 10 हजार डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में, मरीजों के पर्चों पर लिख रहे CM को चेतावनी
Wed, 19 Apr 2023 07:43 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Apr 2023 07:43 PM IST
सार
प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के लगभग 10 हजार डॉक्टर 3 मई से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन उससे पहले सरकार को अपना दर्द बताते हुए 18 अप्रैल से 2 मई तक हर दिन स्मरण दिवस डॉक्टर मनाएंगे और अस्पतालों की ओपीडी और निजी प्रैक्टिस के दौरान आने वाले मरीजों को पर्चे पर दवा के साथ-साथ अपना दर्द भी बयां करेंगे।
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ग्वालियर में डॉक्टर पर्चे पर हड़ताल की चेतावनी लिख रहे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के लगभग 10 हजार से अधिक डॉक्टर तीन मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। इसमें उनका साथ नर्सिंग स्टाफ भी देगा। ऐसे में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बिगड़ना तय है। इसके लिए 2 मई तक स्मरण दिवस मनाया जा रहा है। इसमें ओपीडी में आने वाले मरीजों के पर्चे पर दवा के साथ-साथ डॉक्टर 'वादा पूरा करे सरकार वरना होगी हड़ताल' भी लिख रहे हैं।
बता दें कि प्रशासनिक दखलअंदाजी पर अंकुश, पुरानी पेंशन बहाली, सातवां वेतन आयोग जैसे अन्य मुद्दों पर मुखर डॉक्टरों की मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर से प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के लगभग 10 हजार डॉक्टर 3 मई से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन उससे पहले सरकार को अपना दर्द बताते हुए 18 अप्रैल से 2 मई तक हर दिन स्मरण दिवस डॉक्टर मनाएंगे और अस्पतालों की ओपीडी और निजी प्रैक्टिस के दौरान आने वाले मरीजों को पर्चे पर दवा के साथ-साथ अपना दर्द भी बयां करेंगे और इसकी शुरुआत ग्वालियर के जीआरएमसी के डॉक्टरों ने कर दी है। डॉक्टरों ने दवा के पर्चे पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को अपना वादा याद दिलाते हुए लिखा है- वादा पूरा करे सरकार नहीं तो होगी हड़ताल
बता दें कि सीएम द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन के आदेश निकालने में शासन के अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। इसी वजह से महासंघ ने फिर से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि 17 फरवरी 2023 मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के आश्वासन पर डॉक्टरों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था और उसी दिन निर्मित उच्च स्तरीय समिति को एक महीने में अपना प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को देना था। तत्पश्चात उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन पर त्वरित शासन के आदेश निकालने की बात पर डॉक्टरों ने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई आदेश नहीं निकाले गए हैं। इसलिए महासंघ सरकार को अपना वादा याद दिलाने के लिए आंदोलन की राह पर चल पड़ी है।
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बता दें कि प्रशासनिक दखलअंदाजी पर अंकुश, पुरानी पेंशन बहाली, सातवां वेतन आयोग जैसे अन्य मुद्दों पर मुखर डॉक्टरों की मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर से प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के लगभग 10 हजार डॉक्टर 3 मई से हड़ताल पर जाने की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन उससे पहले सरकार को अपना दर्द बताते हुए 18 अप्रैल से 2 मई तक हर दिन स्मरण दिवस डॉक्टर मनाएंगे और अस्पतालों की ओपीडी और निजी प्रैक्टिस के दौरान आने वाले मरीजों को पर्चे पर दवा के साथ-साथ अपना दर्द भी बयां करेंगे और इसकी शुरुआत ग्वालियर के जीआरएमसी के डॉक्टरों ने कर दी है। डॉक्टरों ने दवा के पर्चे पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को अपना वादा याद दिलाते हुए लिखा है- वादा पूरा करे सरकार नहीं तो होगी हड़ताल
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बता दें कि सीएम द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन के आदेश निकालने में शासन के अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। इसी वजह से महासंघ ने फिर से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि 17 फरवरी 2023 मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के आश्वासन पर डॉक्टरों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था और उसी दिन निर्मित उच्च स्तरीय समिति को एक महीने में अपना प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को देना था। तत्पश्चात उच्च स्तरीय समिति के प्रतिवेदन पर त्वरित शासन के आदेश निकालने की बात पर डॉक्टरों ने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई आदेश नहीं निकाले गए हैं। इसलिए महासंघ सरकार को अपना वादा याद दिलाने के लिए आंदोलन की राह पर चल पड़ी है।
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