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मध्यप्रदेश: ग्वालियर में पीडब्ल्यूडी के भ्रष्ट इंजीनियर के घर छापा, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले
Fri, 09 Jul 2021 11:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:24 PM IST
सार
मप्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने यह कार्रवाई की। सहायक इंजीनियर के घर से 3.5 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर व करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता चला। जबकि अब तक के सेवाकाल में उसे 90 लाख रुपये वेतन बतौर मिले हैं।
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विस्तार
मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक सहायक इंजीनियर के ग्वालियर स्थित परिसरों पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान इंजीनियर के घर से 3.5 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर एवं करोड़ों रुपये की आय से अधिक संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अब तक की नौकरी से उसे वेतन बतौर 90 लाख रुपये मिले हैं।
ईओडब्ल्यू के पुलिस उपाधीक्षक सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के ग्वालियर में पदस्थ सहायक यंत्री रविन्द्र सिंह कुशवाह (56) के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। उन्होंने कहा कि विभाग ने शिकायतों की जांच की और तथ्यों को सही पाने के बाद अदालत से तलाशी वारंट जारी कराया तथा आज सुबह उसके डीबी सिटी एवं नाका चंद्रवदनी स्थित मकानों पर एक साथ छापेमारी की।
चतुर्वेदी ने बताया कि शुरुआती तलाशी में कुशवाह के डीबी सिटी एवं नाका चंद्रवदनी स्थित मकानों के अलावा ग्वालियर एवं भोपाल शहरों के साथ डबरा में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कई संपत्तियां होने के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा उसके घर से 3.5 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर मिले हैं। उन्होंने कहा कि उसके घर से बैंक एकाउंट संबंधी व अन्य दस्तावेज भी मिले हैं और तलाशी व जांच का काम अभी भी जारी है।
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दो करोड़ के घर में रहता है सहायक इंजीनियर
चतुर्वेदी ने बताया कि डीबी सिटी के जिस मकान में कुशवाह रहता है, उसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि जब कुशवाह 1992 में पीडब्ल्यूडी से जुड़ा, तब से उसे करीब 90 लाख रुपये कुल वेतन मिला होगा।
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ईओडब्ल्यू के पुलिस उपाधीक्षक सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के ग्वालियर में पदस्थ सहायक यंत्री रविन्द्र सिंह कुशवाह (56) के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। उन्होंने कहा कि विभाग ने शिकायतों की जांच की और तथ्यों को सही पाने के बाद अदालत से तलाशी वारंट जारी कराया तथा आज सुबह उसके डीबी सिटी एवं नाका चंद्रवदनी स्थित मकानों पर एक साथ छापेमारी की।
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चतुर्वेदी ने बताया कि शुरुआती तलाशी में कुशवाह के डीबी सिटी एवं नाका चंद्रवदनी स्थित मकानों के अलावा ग्वालियर एवं भोपाल शहरों के साथ डबरा में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कई संपत्तियां होने के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा उसके घर से 3.5 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर मिले हैं। उन्होंने कहा कि उसके घर से बैंक एकाउंट संबंधी व अन्य दस्तावेज भी मिले हैं और तलाशी व जांच का काम अभी भी जारी है।
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दो करोड़ के घर में रहता है सहायक इंजीनियर
चतुर्वेदी ने बताया कि डीबी सिटी के जिस मकान में कुशवाह रहता है, उसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि जब कुशवाह 1992 में पीडब्ल्यूडी से जुड़ा, तब से उसे करीब 90 लाख रुपये कुल वेतन मिला होगा।
