फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Jiwaji University Gwalior Case filed against Jiwaji University Vice Chancellor Avinash Tiwari others in EOW

Jiwaji University Gwalior: फर्जी दस्तावेज, मान्यता और एडमिशन से स्कॉलरशिप, कुलगुरु का कारनामा देख EOW भी हैरान

Mon, 13 Jan 2025 10:31 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 13 Jan 2025 10:31 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु के कारनामे देखकर EOW भी हैरान रह गया। एक आवेदक की शिकायत के आधार पर जब EOW ने जांच शुरू की बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। अब EOW ने मामला दर्ज कर लिया है।

विज्ञापन
Jiwaji University Gwalior Case filed against Jiwaji University Vice Chancellor Avinash Tiwari others in EOW
जीवाजी यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैसे तो जीवाजी यूनिवर्सिटी से कई मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन एक फर्जी कॉलेज के खुलासे ने सभी को चौंका दिया है। क्योंकि जमीन की जगह हवा में चल रहे महाविद्यालय को लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु अविनाश तिवारी पर EOW में मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला अरुण कुमार शर्मा नाम के शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद हुई जांच के आधार पर किया गया है।

विज्ञापन


शिकायतकर्ता अरुण कुमार शर्मा ने साल 2022 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई थी कि जिसमें आरोप है कि मुरैना जिले के झुंडपुरा गांव में शिवशक्ति महाविद्यालय नाम का फर्जी कॉलेज कागजों में संचालित हो रहा है। जबकि असलियत में गांव में ऐसा कोई कॉलेज है ही नहीं। हर साल जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा भी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर इस कॉलेज को मान्यता और संबद्धता भी प्रदान की जा रही है। साथ ही बताया कि महाविद्यालय संचालक रघुराज सिंह जादौन द्वारा अब कॉलेज में फर्जी छात्रों के प्रवेश दिखाकर, स्कॉलरशिप के साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर चूना लगाया जा रहा है।
विज्ञापन


EOW के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगभग साल भर पहले यह शिकायत मिली थी। इस पर जांच की गई और पाया गया कि शिव शक्ति कॉलेज असल में धरातल पर है ही नहीं। साथ ही सभी पहलुओं पर जांच करने पर यह पाया गया कि जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष कॉलेजों के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए निरीक्षण कमेटी बनाई गई है। कमेटी के निरीक्षण के बावजूद शिव शक्ति महाविद्यालय को प्रति वर्ष मान्यता और संबद्धता प्रदान की जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में यह पाया गया है कि निरीक्षण कमेटी के सदस्यों ने अनुचित लाभ लेकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कूटरचित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की और शिवशक्ति महाविद्यालय को संबद्धता दिलाने में सहयोग किया। इस आधार पर जांच कमेटी के सदस्यों जिनमें विश्वविद्यालय के कुलगुरु भी शामिल हैं, के खिलाफ EOW में मामला दर्ज हुआ है।

आपको बता दें मुरैना के सबलगढ़ स्थित झुंडपुरा गांव स्थित शिवशक्ति महाविद्यालय के खिलाफ मुरार दुर्गा कॉलोनी निवासी अरुण कुमार शर्मा ने शिकायत की थी। यह शिकायत साल 2022 में की गई थी। शिकायत में साफतौर से कहा गया था कि इस नाम का कोई कॉलेज वास्तविकता में नहीं है। शिवशक्ति महाविद्यालय के संचालक रघुराज सिंह जादौन द्वारा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, जिसके आधार पर कॉलेज की मान्यता एवं संबद्धता प्राप्त कर छात्रों का फर्जी प्रवेश दिखाकर स्कॉलरशिप व अन्य मद के लाभ प्राप्त कर शासन को आर्थिक क्षति की गई है।


इन आरोपों की जांच की तो ईओडब्ल्यू की टीम ने पाया कि जांच दल की साठगांठ से यह कॉलेज संचालित हो रहा था। इसके बाद साल 2022 में आवेदक अरुण कुमार शर्मा निवासी दुर्गा कालोनी मुरार ग्वालियर के द्वारा संचालक शिवशक्ति महाविद्यालय गांव झुंडपुरा तहसील सबलगढ़ मुरैना के खिलाफ फर्जी रूप से कॉलेज संचालित करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत EOW में की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed