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MP News: नीतू गुर्जर मामले की जांच हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी नवविवाहिता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 17 Mar 2023 08:00 AM IST
सार

नीतू गुर्जर की चार महीने पहले ही दहेली गांव के ध्रुव सिंह के साथ शादी हुई थी। लेकिन ससुराल वाले उसे दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करते थे। इसी बीच उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में 10 अक्टूबर 2022 को मौत हो गई थी।

High Court handed over the investigation of Neetu Gurjar case to CBI
ग्वालियर खंडपीठ। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पिछले साल अक्टूबर महीने में संदिग्ध परिस्थितियों में नवविवाहिता की मौत के मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द की है। नीतू गुर्जर नामक महिला के घर वालों ने इस मामले में उसके ससुराल वालों के साथ ही पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले लोगों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे। इसके बाद इस मामले को हाईकोर्ट ले जाया गया था। हाईकोर्ट में पीड़ित परिवार की ओर से बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के गर्भवती होने का जिक्र नहीं है। महिला को सांप के डसने के बाद मृत होना बताया गया है। लेकिन जिस जगह सांप द्वारा काटना बताया गया है उस जगह की स्किन एफएसएल जांच के लिए नहीं भेजी गई थी।


परिवार का कहना है कि नीतू गुर्जर की चार महीने पहले ही दहेली गांव के ध्रुव सिंह के साथ शादी हुई थी। लेकिन ससुराल वाले उसे दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करते थे। इसी बीच उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में 10 अक्टूबर 2022 को मौत हो गई थी। ससुरालवालों द्वारा बताया गया कि सांप ने नीतू को डसा था। परिवार के लोगों का यह कहना है कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य के हिसाब से नीतू को शादी में दान दहेज दिया था लेकिन ससुराली नीतू से पांच लाख रुपये और कार की मांग कर रहे थे, इसी बीच अचानक 10 अक्टूबर को नीतू की मौत हो गई। 


31 मई 2022 को ही नीतू की शादी हुई थी, ऐसे में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बावजूद पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों पुलिस ने इस मामले में औपचारिकता निभाई, इसी को न्यायालय में नीतू के पिता रामनिवास ने चुनौती दी थी। परिवार के लोगों का कहना है कि यह सीधा-सीधा दहेज हत्या का मामला था लेकिन ऐसे पुलिस ने सिर्फ दहेज प्रताड़ना में दर्ज किया। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी न्यायालय में तलब की गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले में पुलिस और चिकित्सकों की गंभीर लापरवाही पाई और कहा कि जो महिला पांच महीने से गर्भवती है उसका तथ्य छुपाए जाना बेहद गंभीर है। इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को केस सौंपा जाना जरूरी है, अब नीतू गुर्जर मामले की जांच सीबीआई करेगी और अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करेगी।
 
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