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Gwalior: वॉट्सएप प्रोफाइल में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति की फोटो लगाई, फिर प्रोफेसरों से मांगे रुपये
Fri, 24 Jun 2022 09:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Jun 2022 09:57 PM IST
सार
साइबर ठग ने अपने वॉट्सएप नंबर पर डीपी की जगह कुलपति प्रो तिवारी की फोटो लगा दी और फिर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफसर्स को रुपयों की मांग वाले मैसेज भेजे।
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कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी के नाम पर लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
साइबर ठगों ने अब जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी के नाम पर लोगों से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने अपने व्हाट्सएप नंबर पर डीपी की जगह कुलपति प्रो तिवारी की फोटो लगा दी और फिर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफसर्स को रुपयों की मांग वाले मैसेज भेजे। कुलपति ने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर्स के मोबाइल व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया जिसमें पैसों की मांग की गई। जिस नंबर से मैसेज आया उसकी डीपी पर कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी को फोटो लगी थी। ठग ने कुलसचिव को भी मैसेज लिखा "hello how are you" फिर लिखा "where are you the moment" लिखा और फिर जैसे ही जवाब आया, पैसों की जरूरत होने के मैसेज भेज दिया।
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जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर्स के मोबाइल व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया जिसमें पैसों की मांग की गई। जिस नंबर से मैसेज आया उसकी डीपी पर कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी को फोटो लगी थी। ठग ने कुलसचिव को भी मैसेज लिखा "hello how are you" फिर लिखा "where are you the moment" लिखा और फिर जैसे ही जवाब आया, पैसों की जरूरत होने के मैसेज भेज दिया।
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कुलपति ने पुलिस अधीक्षक को इसकी लिखित शिकायत की है।
- फोटो : सोशल मीडिया
शंका होने पर उन्होंने कुलपति प्रोफेसर अविनाश तिवारी को फोन लगाकर हकीकत पूछी तो उन्होंने ऐसे किसी भी मैसेज और जरूरत से इंकार कर दिया। कुछ देर बाद अन्य प्रोफेसर्स के पास भी मैसेज आने लगे। लेकिन कुलपति के इंकार करने के बाद समझ आ गया कि ये किसी साइबर ठग की करतूत है वो कुलपति के नाम पर पैसे ऐंठना चाहता है।
कुलपति ने पुलिस अधीक्षक को इसकी लिखित शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि नंबर के आधार पर जल्दी ही ठग को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी स्टाफ को निर्देश दे दिए ऐस किसी भी मैसेज अथवा मेल को गम्भीरता से नहीं लें।
कुलपति ने पुलिस अधीक्षक को इसकी लिखित शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि नंबर के आधार पर जल्दी ही ठग को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी स्टाफ को निर्देश दे दिए ऐस किसी भी मैसेज अथवा मेल को गम्भीरता से नहीं लें।
