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Gwalior: 35 फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई करेगी, तीन महीने में देना होगी रिपोर्ट
Wed, 28 Sep 2022 10:20 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 28 Sep 2022 10:20 PM IST
सार
सत्र 2019-20 में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेशभर के 520 कॉलेजों को संबद्धता दी थी। ग्वालियर-चंबल संभाग के 35 नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई करेगी। मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी को रखी गई है।
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ग्वालियर बेंच
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने आदेश दिया है कि ग्वालियर-चंबल संभाग के 35 नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई करेगी। कॉलेजों के फर्जीवाड़े संबंधी जांच के लिए तीन महीने का समय दिया गया। तीन महीने में सीबीआई को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करना होगी। मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी रखी गई है।
बता दें कि सत्र 2019-20 में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेशभर के 520 कॉलेजों को संबद्धता दी थी। इनमें ग्वालियर के 35 कॉलेज भी शामिल हैं। 35 में से एक कॉलेज की संबद्धता के रिकॉर्ड की जांच कराई गई। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने रिकार्ड की जांच कर गड़बड़ियां हाई कोर्ट में बताई हैं। अब संबद्धता के पूरे मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कॉलेजों को मान्यता व संबद्धता देने में हर स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात कही जा रही है। अब सीबीआई की जांच से मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल की मुसीबतें बढ़ने की आशंका जताई जाने लगी है। मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी जांच की जद में आएंगे, उनकी परेशानियां भी बढ़ेंगी।
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हाईकोर्ट ग्वालियर के अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने बताया कि हाई कोर्ट ने इन कॉलेजों से पास होकर निकलने वाले विद्यार्थियों के कार्य पर भी चिंता जताई है। ऐसे छात्र नर्स बनकर अस्पतालों में सेवाएं देते हैं तो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। मरीजों के साथ धोखा है।
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बता दें कि सत्र 2019-20 में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने प्रदेशभर के 520 कॉलेजों को संबद्धता दी थी। इनमें ग्वालियर के 35 कॉलेज भी शामिल हैं। 35 में से एक कॉलेज की संबद्धता के रिकॉर्ड की जांच कराई गई। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने रिकार्ड की जांच कर गड़बड़ियां हाई कोर्ट में बताई हैं। अब संबद्धता के पूरे मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार कॉलेजों को मान्यता व संबद्धता देने में हर स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात कही जा रही है। अब सीबीआई की जांच से मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल की मुसीबतें बढ़ने की आशंका जताई जाने लगी है। मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी जांच की जद में आएंगे, उनकी परेशानियां भी बढ़ेंगी।
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हाईकोर्ट ग्वालियर के अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने बताया कि हाई कोर्ट ने इन कॉलेजों से पास होकर निकलने वाले विद्यार्थियों के कार्य पर भी चिंता जताई है। ऐसे छात्र नर्स बनकर अस्पतालों में सेवाएं देते हैं तो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। मरीजों के साथ धोखा है।
