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Gwalior: MBBS डुप्लीकेट मार्कशीट मामले में बड़ा खुलासा, युवती निकली ड्रग सप्लायर, प्रेमी है मोस्ट वांटेड आरोपी
Wed, 21 Jun 2023 02:27 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 21 Jun 2023 02:27 PM IST
सार
फर्जी डिग्री पर मालेगांव के सरकारी हॉस्पिटल में सेवाएं देने वाली फर्जी डॉक्टर प्रतिक्षा दायमा और उसका साथी मोहम्मद शफीक मालेगांव पुलिस की सूची में मोस्ट वांटेड निकला। इन दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेने मालेगांव पुलिस ग्वालियर आने वाली है।
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पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में डॉक्टरों की एमबीबीएस की अंकसूची और डिग्री की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने का मामला गहराता जा रहा है। इस मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने जीवाजी विश्वविद्यालय से पांच साल का रिकॉर्ड मांगा था। 32 घंटे बीत जाने के बाद विश्वविद्यालय ने 13 डॉक्टरों को एमबीबीएस की अंकसूची और डिग्री की डुप्लीकेट कॉपी देने की बात स्वीकार की है, लेकिन उन डॉक्टरों के नाम अब तक क्राइम ब्रांच को नहीं बताए गए हैं। जो डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट लेकर गए हैं। इसलिए विश्वविद्यालय प्रबंधन पुलिस की जांच में शक के दायरे में है। वहीं इस पूरे मामले की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के एएसपी ऋषिकेश मीणा का कहना है कि मालेगांव पुलिस से जानकारी जुटाने पर पता चला है कि प्रतीक्षा दायमा एक ड्रग्स सप्लायर हैं और दूसरा आरोपी मोहम्मद रफीक मालेगांव का मोस्ट वांटेड आरोपी है। दोनों आरोपियों की मालेगांव पुलिस तलाश कर रही थी। वहीं, जांच में आरोपी प्रतीक्षा दायमा का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां उसने मुंबई के पल्स केयर अस्पताल के स्टाफ होने का फर्जी प्रमाण पत्र नौकरी के दौरान लगाया था।अब ग्वालियर पुलिस को अपनी भरोसेमंद क्राइम ब्रांच की टीम के मालेगांव से लौटने का इंतजार है, जो चार दिन से वहां डेरा डाले हुई है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी डिग्री बेचने का एक बड़ा रैकेट चलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आरोपियों की सात दिन की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद न्यायालय में रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन भी किया जाएगा और विश्वविद्यालय प्रबंधन के कर्मचारी अधिकारियों से भी पूछताछ जारी है।
बता दें, कि ग्वालियर की महिला डॉक्टर प्रतिक्षा शर्मा एमबीबीएस की इंटर्नशिप और लीव सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने में पकड़ी गईं। मालेगांव महाराष्ट्र की प्रतिक्षा दायमा और उसका साथी शफीक मोहम्मद क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शक की सुई जीवाजी विश्वविद्यालय की ओर की है। इस मामले में पांच साल का रिकॉर्ड भी क्राइम ब्रांच ने विश्वविद्यालय से मांगा है, विश्वविद्यालय ने 13 डॉक्टरों को डुप्लीकेट डाक्यूमेंट्स देने की बात तो की है, लेकिन डॉक्टरों के नाम बताने पर चुप्पी साध गया है, लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
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बता दें, कि ग्वालियर की महिला डॉक्टर प्रतिक्षा शर्मा एमबीबीएस की इंटर्नशिप और लीव सर्टिफिकेट की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने में पकड़ी गईं। मालेगांव महाराष्ट्र की प्रतिक्षा दायमा और उसका साथी शफीक मोहम्मद क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शक की सुई जीवाजी विश्वविद्यालय की ओर की है। इस मामले में पांच साल का रिकॉर्ड भी क्राइम ब्रांच ने विश्वविद्यालय से मांगा है, विश्वविद्यालय ने 13 डॉक्टरों को डुप्लीकेट डाक्यूमेंट्स देने की बात तो की है, लेकिन डॉक्टरों के नाम बताने पर चुप्पी साध गया है, लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
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