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Gwalior: 70 विद्यार्थियों ने बनाया देश का सबसे बड़ा सेनेटरी पैड, 100 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा पैड बनाने में लगे सात दिन
Sun, 29 May 2022 08:44 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 29 May 2022 08:44 PM IST
सार
ग्वालियर के शासकीय केआरजी कॉलेज के 70 विद्यार्थियों ने सात दिन में 100 फीट लम्बा और 15 फीट चौड़ा सेनेटरी पैड बनाया है। दावा किया जा रहा है कि ये भारत का सबसे बड़ा सेनेटरी पैड है।
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इस बड़े सेनेटरी पैड को बनाने में 12035 सेनेटरी पैड का उपयोग किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महिलाओं और युवतियों में सेनेटरी पैड के इस्तेमाल के प्रति जागरूक बढ़ाने के लिए ग्वालियर में देश का सबसे बड़ा सेनेटरी पैड बनाया गया है। यहां के शासकीय केआरजी कॉलेज के 70 विद्यार्थियों ने सात दिन में 100 फीट लम्बा और 15 फीट चौड़ा सेनेटरी पैड बनाया है। दावा किया जा रहा है कि ये भारत का सबसे बड़ा सेनेटरी पैड है। स्कूल प्रबंधक ने इस बड़े सेनेटरी पैड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी अप्लाई किया है।
केआरजी प्रबंधक ने बताया है कि इस बड़े सेनेटरी पैड को बनाने में 12035 सेनेटरी पैड का उपयोग किया गया है। वहीं शासकीय कॉलेज के 70 विद्यार्थियों ने मिलकर इसे बनाया है। इसमें बड़ी संख्या में पुरुष भी शामिल हुए। छात्र छात्राओं ने समाज के लोगों और अपनी पॉकेट मनी से इकट्ठा करके इसे बनाया है। ये सभी छात्र पिछले एक सप्ताह से लगातार मेहनत कर रहे थे। रोज़ सात घंटे का समय इसे बनाने के लिए दे रहे थे।
विद्यार्थियों का कहना है कि सेनेटरी पैड बनाने में जितने भी पैड लगे हैं, इन सभी को गांव में दान किया जाएगा। ताकि गांव में रहने वाली महिलाएं और किशोरियां इसके उपयोग के लिए प्रेरित हो सकें। ताकि वे हाईजीन रहते हुए स्वस्थ रह सकें। गौरतलब है कि आज भी देश में 23% छात्राएं मासिक धर्म के दौरान स्कूली शिक्षा छोड़ने पर मजबूर हो जाती हैं। इसके साथ ही छात्राओं का कहना है कि गांव में अभी भी हालात ऐसे हैं कि महिलाएं और छात्राएं अपनी मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे उन्हें कई बीमारियां होती हैं। इसलिए उन्हें जागरूक करने के लिए यह अभियान की शुरुआत की है। इसके साथ ही छात्राओं ने बताया हर शनिवार को एक गांव में जाकर वहां की महिलाओं और युवतियों को सेनेटरी पैड का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि वे गंभीर बीमारियों से बच सकें।
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केआरजी प्रबंधक ने बताया है कि इस बड़े सेनेटरी पैड को बनाने में 12035 सेनेटरी पैड का उपयोग किया गया है। वहीं शासकीय कॉलेज के 70 विद्यार्थियों ने मिलकर इसे बनाया है। इसमें बड़ी संख्या में पुरुष भी शामिल हुए। छात्र छात्राओं ने समाज के लोगों और अपनी पॉकेट मनी से इकट्ठा करके इसे बनाया है। ये सभी छात्र पिछले एक सप्ताह से लगातार मेहनत कर रहे थे। रोज़ सात घंटे का समय इसे बनाने के लिए दे रहे थे।
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विद्यार्थियों का कहना है कि सेनेटरी पैड बनाने में जितने भी पैड लगे हैं, इन सभी को गांव में दान किया जाएगा। ताकि गांव में रहने वाली महिलाएं और किशोरियां इसके उपयोग के लिए प्रेरित हो सकें। ताकि वे हाईजीन रहते हुए स्वस्थ रह सकें। गौरतलब है कि आज भी देश में 23% छात्राएं मासिक धर्म के दौरान स्कूली शिक्षा छोड़ने पर मजबूर हो जाती हैं। इसके साथ ही छात्राओं का कहना है कि गांव में अभी भी हालात ऐसे हैं कि महिलाएं और छात्राएं अपनी मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे उन्हें कई बीमारियां होती हैं। इसलिए उन्हें जागरूक करने के लिए यह अभियान की शुरुआत की है। इसके साथ ही छात्राओं ने बताया हर शनिवार को एक गांव में जाकर वहां की महिलाओं और युवतियों को सेनेटरी पैड का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि वे गंभीर बीमारियों से बच सकें।
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