फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   a person black marketing of remdesivir caught by madhya pradesh stf police received five injection

जालसाजी: काले कोट के पीछे करता था काली करतूत, पुलिस ने रेमडेसिविर के पांच इंजेक्शन के साथ पकड़ा

Sun, 09 May 2021 11:56 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 09 May 2021 11:56 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर से रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाला एक शख्स एसटीएफ टीम द्वारा पकड़ा गया है। शख्स के पास से रेमडेसिविर के पांच इंजेक्शन मिले हैं। ये एक इंजेक्शन 30 हजार रुपये में बेचा करता था।

विज्ञापन
a person black marketing of remdesivir caught by madhya pradesh stf police received five injection
रेमडेसिविर दवा - फोटो : social media

विस्तार

मध्यप्रदेश के सिवनी में कोरोना की अहम दवा रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्य आरोपी कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को ग्वालियर स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पास से रेमडेिसिविर के पांच इंजेक्शन मिले, जिनकी वो सोशल मीडिया के माध्यम से कालाबाजारी करता था।

विज्ञापन


विधायक का चुनाव लड़ चुका है आरोपी
जब इस रैकेट के बारे में पता चला तो एसटीएफ की टीम ने एक मरीज का भाई बनकर उसे पकड़ा और उसके पास से रेमडेसिविर इंजेक्शन अपने कब्जे में लिए। बता दें कि आरोपी वैसे तो पेशे से वकील है लेकिन 2018 में सिवनी विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका है। 
विज्ञापन


कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी बहुत ज्यादा हो रही है। असली इंजेक्शन के साथ-साथ नकली इंजेक्शन की भी कालाबाजारी की जा रही है। इस दौरान कई रैकेट सक्रिय हैं। इन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीम वेश बदलकर इन लोगों को पकड़ रही हैं। आरोपी कमलेश्वर प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी, आवश्यक वस्तु अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे मिली आरोपी की जानकारी
एसटीएफ इंस्पेक्टर चेतन सिंह बैस को सूचना मिली कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से रैकेट चला रहे हैं। ऐसे में एसटीएफ की टीम ने फेसबुक पर एक नया अकाउंट बनाया और मरीज का भाई बनकर आरोपी के रेमडेसिविर की मांग रखी। जिस दिन पोस्ट किया, उसी दिन एक युवक ने मैसेज किया। 

इसके बाद बातचीत में एसटीएफ की टीम ने पांच इंजेक्शनों की मांग रखी और तत्काल लाने को कहा। एजेंट ने तीस हजार रुपये में एक इंजेक्शन देने की बात कही और डील पक्की हो गई। इसके बाद शनिवार को आरोपी कांगो एक्सप्रेस पकड़कर ग्वालियर पहुंचा। ग्वालियर स्टेशन पहुंचते ही एसटीएफ की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके बैग में से पांच इंजेक्शन बरामद किए।


विधायक बनना चाहता था आरोपी
आरोपी कमलेश्वर प्रसाद को लेकर एसटीएफ का कहना है कि वो कभी विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनना चाहता था और 2018 में वो चुनाव लड़ा भी था। लेकिन उसे सिर्फ 832 वोट मिले थे। आरोपी पेशे से वकील है और सिवनी में उसका अपना कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed