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ग्वालियर: 33 साल पहले दंपती की हत्या कर 80 लाख रुपये का सोना लूटने वाला वेल्लोर जेल में, अब उसे ग्वालियर लाएंगे
Mon, 20 Dec 2021 04:43 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 20 Dec 2021 04:43 PM IST
सार
ग्वालियर में 33 साल पहले व्यापारी दंपती की हत्या कर 80 लाख रुपये का सोना लूटने वाले का पता चल गया है। वह इस समय तमिलनाडु के वेल्लोर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पुलिस अब उसे ग्वालियर लाने की तैयारी कर रही है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्वालियर पुलिस ने 33 साल पहले व्यापारी दंपती की हत्या कर80 लाख रुपये का सोना लूटने वाली राजस्थान की गैंग के एक बदमाश का पता लगा लिया है। पुलिस उसे फरार मान रही थी, जबकि वह तमिलनाडु की वेल्लोर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की फटकार के बाद ग्वालियर पुलिस ने 1988 में हत्या और डकैती के आरोपी को खोज निकाला। ग्वालियर पुलिस आरोपी को लेने के लिए आर्म्ड फोर्स साथ लेकर जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्वालियर में 16 मई 1988 को व्यापारी रमेश चंद्र गोयल और उनकी पत्नी बंसती गोयल की हत्या हुई थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी 80 लाख का सोना लूटकर ले गए थे। 33 साल पहले इस हत्याकांड के एक आरोपी को कुछ साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लूट का माल भी बरामद कर किया था। दो आरोपी फरार चल रहे थे। लंबे समय तक आरोपियों को नहीं पकड़ पाई तो गोयल के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि पुलिस हर तीन महीन में जिला कोर्ट में एक्शन रिपोर्ट पेश करें। इतने अरसे में ग्वालियर थाना में जांच में 30 पुलिस ऑफिसर बदल गए। गोयल के परिजनों ने 2015 में अवमानना याचिका दायर की। इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी ग्वालियर थाना दीपक यादव को तलब किया और फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की छानबीन की। उनकी तलाश में राजस्थान के भरतपुर भी पहुंची। यहां पता लगा कि आरोपी लक्ष्मण बेहद खतरनाक है और अभी तमिलनाडू की वेल्लोर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट ने पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर बताया कि लक्ष्मण खतरनाक आरोपी है। अभी उसे पुलिस नहीं ला सकती है। उसे लाने के लिए आर्म्स फोर्स की जरूरत पड़ेगी। कोर्ट से उसका वारंट जारी हो गया। तमिलनाडु पुलिस को इसकी सूचना दी है, 24 दिसंबर को उसे हाजिर करने के लिए कहा गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्वालियर में 16 मई 1988 को व्यापारी रमेश चंद्र गोयल और उनकी पत्नी बंसती गोयल की हत्या हुई थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी 80 लाख का सोना लूटकर ले गए थे। 33 साल पहले इस हत्याकांड के एक आरोपी को कुछ साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लूट का माल भी बरामद कर किया था। दो आरोपी फरार चल रहे थे। लंबे समय तक आरोपियों को नहीं पकड़ पाई तो गोयल के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि पुलिस हर तीन महीन में जिला कोर्ट में एक्शन रिपोर्ट पेश करें। इतने अरसे में ग्वालियर थाना में जांच में 30 पुलिस ऑफिसर बदल गए। गोयल के परिजनों ने 2015 में अवमानना याचिका दायर की। इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी ग्वालियर थाना दीपक यादव को तलब किया और फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की छानबीन की। उनकी तलाश में राजस्थान के भरतपुर भी पहुंची। यहां पता लगा कि आरोपी लक्ष्मण बेहद खतरनाक है और अभी तमिलनाडू की वेल्लोर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट ने पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर बताया कि लक्ष्मण खतरनाक आरोपी है। अभी उसे पुलिस नहीं ला सकती है। उसे लाने के लिए आर्म्स फोर्स की जरूरत पड़ेगी। कोर्ट से उसका वारंट जारी हो गया। तमिलनाडु पुलिस को इसकी सूचना दी है, 24 दिसंबर को उसे हाजिर करने के लिए कहा गया है।
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